तप कल्याणक, तृतीय दिवस : “क्रिया तभी धर्म बनती है, जब उसमें आनंद हो” — मुनि पुगंव सुधासागरजी की देशना से गूंजा तीर्थोदय गोलाकोट
सूदखोरों की प्रताड़ना से टूटी महिला, ज़हर पीकर मौत से जूझ रही, यहां सूदखोरों के चंगुल में फंसी है बड़ी आबादीे, जाने- कैसे जुल्म ढाते हैं सूदखोर
लगातार प्रताड़ना से टूट गई महिला, ज़हर सेवन कर मौत से जूझ रही मंडीदीप में सूदखोरी के भयावह सच का पर्दाफाश
गर्भकल्याणक द्वितीय दिवस : “अपने दुख को दूसरों का दुख मत बनने दो” — मुनि श्री सुधासागरजी की देशना से गूंजा तीर्थोदय गोलाकोट