
स्मृति-शेष : एक युग, एक आदर्श – पूज्य पापाजी स्व. आलमचन्द्र जैन जी
“व्यक्तित्व वे नहीं होते जो इतिहास में लिखे जाते हैं, व्यक्तित्व वे होते हैं जो अपनों के दिलों में सदैव धड़कते रहते हैं।” आज 6 जून 2026, एक ऐसा दिन है जो हमारे परिवार के लिए स्तब्ध करने वाला तो है, परंतु साथ ही उस महान आत्मा के प्रति कृतज्ञता


























































