मुहारी कलां में SBI कियोस्क सेंटर का अभाव : हजारों ग्रामीण परेशान, 10-15 KM दूर जाना मजबूरी, गांव में बैंकिंग सेवा शुरू करने की मांग तेज

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रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
खनियांधाना (शिवपुरी) | ग्राम पंचायत मुहारी कलां के हजारों निवासियों को बैंकिंग सेवाओं के अभाव में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का कियोस्क सेंटर न होने के कारण गांववासियों को नकदी निकासी, जमा, पेंशन भुगतान, खातों की जानकारी और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थित शहरों और कस्बों तक जाना पड़ता है। यह समस्या विशेष रूप से किसानों, मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

ग्रामीणों को हो रही दिक्कतें

1. बुजुर्गों और पेंशनधारकों के लिए मुसीबत
गांव में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक निवास करते हैं, जिन्हें अपनी पेंशन प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार, अत्यधिक भीड़ या तकनीकी खामियों के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। यह समस्या उन बुजुर्गों के लिए और भी गंभीर हो जाती है, जो अस्वस्थ या शारीरिक रूप से कमजोर हैं।
2. किसानों के सामने वित्तीय संकट
खेती के लिए बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद के लिए किसानों को अक्सर नकदी की जरूरत होती है। परंतु, बैंकिंग सुविधाएं न होने के कारण समय पर धन की उपलब्धता नहीं हो पाती। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य सरकारी लाभ योजनाओं से प्राप्त राशि निकालने में भी ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
3. मजदूरों और छोटे व्यापारियों को हो रही परेशानी
गांव के दैनिक मजदूर और छोटे दुकानदार नकद लेन-देन पर निर्भर होते हैं, लेकिन बैंकिंग सुविधाओं के अभाव में उन्हें व्यापारिक और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए पैसे निकालने में मुश्किलें आती हैं। कई बार, उन्हें कामकाज छोड़कर बैंक या एटीएम जाने की मजबूरी होती है।
4. महिलाओं के लिए बड़ी समस्या
गांव की महिलाएं, विशेष रूप से वे जो स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं या जिनके पास जनधन खाते हैं, बैंकिंग सेवाओं के लिए पुरुष सदस्यों पर निर्भर रहती हैं। जब पुरुष सदस्य उपलब्ध नहीं होते, तो महिलाओं को धन निकासी या जमा करने में परेशानी होती है, जिससे उनकी वित्तीय स्वतंत्रता प्रभावित होती है।
5. डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अभाव
आज के डिजिटल युग में भी गांव में कैशलेस लेन-देन की सुविधा न होना एक बड़ी समस्या है। SBI कियोस्क सेंटर के अभाव में ग्रामीण डिजिटल बैंकिंग से वंचित हैं और नकद पर अत्यधिक निर्भर हैं। इससे नकदी की किल्लत और असुविधा बढ़ जाती है।

ग्रामीणों की मांग : जल्द खुले एसबीआई कियोस्क सेंटर

मुहारी कलां के निवासियों ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि गांव में एसबीआई कियोस्क सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि बुजुर्गों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और व्यापारियों को राहत मिल सके। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने पर भी विचार कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस दिशा में कब तक कोई ठोस कदम उठाते हैं।

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