भोपाल में उबाल: ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का हल्ला बोल, ‘26 हजार से कम मंजूर नहीं’

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रिपोर्ट:सूरज मेहरा                              भोपाल मप्र | राजधानी भोपाल में इन दिनों ठेका, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। नीलम पार्क इलाके में कर्मचारियों ने जोरदार रैली निकालते हुए धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका साफ कहना है—जब तक न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26 हजार रुपये नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

हालांकि राज्य सरकार ने हाल ही में न्यूनतम मजदूरी 12,425 रुपये से बढ़ाकर 16,769 रुपये प्रतिमाह घोषित की है, लेकिन कर्मचारी इसे नाकाफी बता रहे हैं। उनका आरोप है कि कई विभागों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां मजदूरों को 3 से 5 हजार रुपये तक में काम कराया जा रहा है।

कर्मचारियों के गंभीर आरोप

कर्मचारियों का कहना है कि अलग-अलग विभागों में भारी असमानता है—
  • स्कूलों और छात्रावासों में काम करने वालों को बेहद कम भुगतान
  • ग्राम पंचायतों में चौकीदार और सफाईकर्मी 3-4 हजार में काम करने को मजबूर
  • स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी 7-8 हजार तक सीमित
  • कुछ जगहों पर तो मानदेय 1-2 हजार तक बताया जा रहा है
इन हालातों से नाराज कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र होगा।

सरकार से सीधी मांग

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि हजारों ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका तर्क है कि जो कर्मचारी सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करते हैं, वही खुद न्यूनतम वेतन और स्थायी नौकरी से वंचित हैं।

अब कर्मचारियों ने सरकार से तीन बड़ी मांगें रखी हैं—
  • न्यूनतम वेतन की गारंटी
  • वेतन बढ़ाकर कम से कम 26,000 रुपये करना
  • आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार देना
फिलहाल राजधानी में माहौल गरम है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है
SURAJ MEHRA
Author: SURAJ MEHRA

साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है। तेजस रिपोर्टर में प्रबंध संपादक का पदभार संभाल रहे हैं।

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