पृथ्वी दिवस पर युवाओं का प्रदर्शन: डेयरी सेक्टर के पर्यावरणीय प्रभाव और ‘दूध-बीफ कनेक्शन’ पर उठाई आवाज ,अनोखें प्रदर्शन ने राहगीरों का खींचा ध्यान 

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स्पेशल रिपोर्टर सूरज मेहरा
भोपाल मप्र | पृथ्वी दिवस के मौके पर देशभर के 20 शहरों में युवाओं ने डेयरी सेक्टर की पर्यावरणीय और नैतिक हकीकत को उजागर करने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज किया। भोपाल के शाहपुरा स्थित ऋषभदेव पार्क में एक अनोखी सार्वजनिक स्थापना के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि “दूध और बीफ एक ही जानवर से आते हैं”, जिसने राहगीरों का ध्यान खींचा।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, वहां एक लीटर दूध उत्पादन में करीब 1,078 लीटर पानी खर्च होता है। यह आंकड़ा खासतौर पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे भूजल संकट झेल रहे राज्यों के लिए चिंता का विषय है। साथ ही, पशुधन से हर साल लगभग 12.7 मिलियन टन मीथेन गैस का उत्सर्जन होता है, जो ग्लोबल वार्मिंग को तेज़ी से बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। कार्यकर्ताओं ने यह भी उजागर किया कि जब गाय-भैंस दूध देना बंद कर देती हैं, तो उन्हें अक्सर बीफ सप्लाई चेन में भेज दिया जाता है।
यह अभियान Vegans United द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़ते जल संकट और जलवायु परिवर्तन के बीच डेयरी सेक्टर के प्रभाव पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि अब समय आ गया है जब नीति-निर्माताओं को देश की खाद्य व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए — ताकि पर्यावरण और नैतिकता दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके
SURAJ MEHRA
Author: SURAJ MEHRA

साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है। तेजस रिपोर्टर में प्रबंध संपादक का पदभार संभाल रहे हैं।

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