रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | पिछोर नगर परिषद में तहसील मोहल्ला की नौ दुकानों की नीलामी का प्रकरण बीते 12 वर्षों से लंबित है। इस वजह से दुकानों के आवंटियों के लगभग 50 लाख रुपये नगर परिषद में फंसे हुए हैं। पीड़ित नागरिक बार-बार अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन समाधान की बजाय उन्हें केवल उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने का हवाला दिया जाता है।
नगर परिषद पिछोर ने 18 फरवरी 2014 को पारित संकल्प क्र. 02 के तहत 17 जून 2014 को तहसील मोहल्ला स्थित नौ दुकानों की नीलामी कराई थी। उस समय परिषद के अध्यक्ष विकास पाठक और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) आनंद शर्मा थे। नीलामी प्रक्रिया पर पारदर्शिता का सवाल उठाते हुए बोलीदाताओं ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके बाद जिला कलेक्टर और एसडीएम ने भी बोली प्रक्रिया को दोषपूर्ण करार दिया।
HEADLINE
》》12 साल से न्याय की आस: नगर परिषद की नीलामी का लंबित मामला
》》पिछोर की 9 दुकानों की नीलामी बनी भ्रष्टाचार का उदाहरण
》》बेरोजगारों के 50 लाख अटके, नगर परिषद दे रही हाईकोर्ट का हवाला
》》भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नीलामी: पीड़ितों की जमा पूंजी पर संकट
》》नगर परिषद की लापरवाही: न्याय के लिए भटक रहे 12 साल से पीड़ित लोग
मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास मंत्रालय ने 10 जून 2015 को नगर परिषद को एक पत्र जारी कर नीलामी प्रक्रिया में गड़बड़ियों की पुष्टि की थी। बावजूद इसके, आज तक पीड़ितों को न तो उनके पैसे लौटाए गए और न ही दुकानें दी गईं।

पीड़ितों का संघर्ष और सवाल :
12 वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे पीड़ितों, जैसे मंजू राजौरिया, केके राजौरिया, मनोज गुप्ता, पंकज गुप्ता और राजीव नीखरा, ने वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की लापरवाही के कारण बेरोजगारों की आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। यह मामला उन हजारों लोगों के लिए एक सबक है जो सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की उम्मीद करते हैं।
भ्रष्टाचार का खेल: मिलीभगत से हुई गड़बड़ी :
नीलामी के दौरान महिला आरक्षित दुकानों पर नियमविरुद्ध अमानत राशि जमा करवाई गई। यह काम अध्यक्ष और सीएमओ की मिलीभगत से योजनाबद्ध तरीके से हुआ। जब बोली प्रक्रिया की शिकायतें बढ़ीं, तो नीलामी निरस्त कर दी गई। हालांकि, 12 साल बाद भी न तो नीलामी दोबारा हुई और न ही लोगों के पैसे वापस किए गए।
इनका कहना...
“उक्त दुकानों का मामला माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है, निराकण उपरांत ही लोगों के पैसे बापस हो सकेंगे।”
आनन्द शर्मा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पिछोर
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते सबसे लोकप्रिय हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म 🖱️www.tejasreporter.com पर📱आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
📰 “दैनिक तेजस रिपोर्टर” www.tejasreporter.com सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिक तकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ मैं पंकज जैन ✍🏻 और मेरे सहयोगी अब ⏱️24X7 आप तक देश विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं। सभी अपडेट्स व नोटिफिकेशन प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए बेल आइकन पर क्लिक कर अभी सब्सक्राइब करें।
Author: Raju Atulkar
"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल







