मंडीदीप में दर्दनाक हादसा : तालाब में डूबने से दो किशोरों की मौत, पिछले साल 4 बच्चों की मौत के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

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📰 स्थानीय संवाददाता
मंडीदीप | औद्योगिक नगरी मंडीदीप में मंगलवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। राहुल नगर मौजमपुर निवासी दो किशोर तालाब में डूब गए, जिनके शव देर रात SDRF और पुलिस टीम ने बाहर निकाले।

मृतकों की पहचान अमन वाल्मीकि (15 वर्ष) और जय नागले (14 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों किशोर तालाब में नहाने गए थे और गहरे पानी में चले जाने से डूब गए।
सूचना मिलते ही थाना सतलापुर पुलिस एवं SDRF टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात करीब 12 बजे दोनों शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पिछले साल भी गई थी 4 बच्चों की जान

स्थानीय लोगों के अनुसार इसी तालाब में पिछले वर्ष भी सतलापुर गांव के चार बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन और जिम्मेदार विभागों ने सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाने तक की जरूरत नहीं समझी।
अब एक बार फिर दो मासूमों की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।

उत्खनन से बना “मौत का तालाब”?

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जमीन पर तालाब है वहां पहले एक निजी कंपनी थी, जहां इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा अवैध उत्खनन कराया गया। उत्खनन से बने गहरे गड्ढों में पानी भरने के बाद यह खतरनाक तालाब बन गया।

लोगों का कहना है कि
“जिन लोगों ने उत्खनन कर करोड़ों कमाए और जो अधिकारी वर्षों से खतरे को नजरअंदाज करते रहे, उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।”

कार्रवाई की मांग तेज

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि
  • अवैध या लापरवाहीपूर्ण उत्खनन की जांच हो
  • जिम्मेदार नेताओं और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो
  • तालाब के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था की जाए
  • भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। अब यह तालाब लोगों के बीच “मौत का तालाब” बन चुका है।
इसके साथ ही यह जिम्मेदारी केवल प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ही नहीं, बल्कि स्थानीय रहवासियों की भी है। अभिभावकों को अपनी सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए बच्चों को ऐसे खतरनाक और गहरे जलभराव वाले स्थानों पर जाने से रोकना चाहिए।

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PANKAJ JAIN
Author: PANKAJ JAIN

पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।

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