बेटी के जन्मदिन पर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने दिया अनोखा तोहफा, 20 किलोमीटर साइकिल चलाकर दिया पर्यावरण और सेहत का संदेश

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रिपोर्ट – अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | एक पिता अपनी बेटी को क्या तोहफा दे सकता है? खिलौने, कपड़े या किसी जश्न की पार्टी? लेकिन शिवपुरी जिले के पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने अपनी दो वर्षीय बेटी के जन्मदिवस पर ऐसा अनोखा और प्रेरणादायक तोहफा दिया, जो ना सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर देता है। विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर उन्होंने पिछोर से खनियाधाना तक 20 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर पर्यावरण सुरक्षा और शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।

प्रशांत शर्मा ने यह साइकिल यात्रा न केवल पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से की, बल्कि उन्होंने आमजन और पुलिस विभाग के साथियों को भी यह संदेश देने की कोशिश की कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद अगर हम चाहें तो सेहत और पर्यावरण दोनों का ध्यान रखा जा सकता है।
प्रशांत शर्मा ने बताया कि वे पहले भी कई बार औचक निरीक्षण के लिए साइकिल से ही थानों तक पहुंचते रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस विभाग में कार्यरत युवा और वरिष्ठ अधिकारी, अपनी ड्यूटी की व्यस्तता के चलते अक्सर खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे वे समय से पहले ही शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करने लगते हैं। ऐसे में अगर प्रतिदिन थोड़ी देर भी साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो न केवल शरीर को ऊर्जा मिलती है बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है।

उन्होंने कहा, “मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे अपनी दिनचर्या में साइकिलिंग को जरूर शामिल करें। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक सकारात्मक पहल है। विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर मैंने यह संदेश देने की एक छोटी सी कोशिश की है कि हम सभी मिलकर छोटे-छोटे कदमों से बड़े बदलाव ला सकते हैं।”
इस दौरान उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनकी इस यात्रा का खास उद्देश्य अपनी बेटी के जन्मदिवस को यादगार बनाना था। उन्होंने कहा, “हर साल हम अपने जीवन में कई ऐसे खास मौके मनाते हैं। क्यों न उन मौकों को हम कुछ अलग और समाज के हित में उपयोग करें? मैंने अपनी बेटी के जन्मदिन पर साइकिलिंग कर यह कोशिश की है कि मेरा यह प्रयास औरों को भी प्रेरित करे।”

 

प्रशांत शर्मा की इस पहल की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। उनका मानना है कि प्रशांत शर्मा जैसे अधिकारी जब खुद आगे आकर समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तो यह आमजन के लिए एक मजबूत संदेश बनता है। उनके इस कदम से निश्चित ही युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को एक नई दिशा मिलेगी, साथ ही पर्यावरण को भी सहेजने की एक जिम्मेदारी का भाव जागेगा।
कुल मिलाकर, प्रशांत शर्मा की यह 20 किलोमीटर की यात्रा न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्पद बन गई है। उम्मीद की जा रही है कि उनके इस अनूठे प्रयास से कई लोग प्रेरणा लेकर साइकिलिंग और पर्यावरण संरक्षण जैसे छोटे लेकिन प्रभावशाली कदमों को अपनाएंगे।

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Raju Atulkar
Author: Raju Atulkar

"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल

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