रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क को आधिकारिक रूप से राज्य के नौवें टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में पन्ना से लाई गई एक मादा बाघिन को पार्क में छोड़ा गया। इस बाघिन के आगमन के बाद माधव नेशनल पार्क में बाघों की कुल संख्या छह हो गई है।

जल्द ही यहां एक और बाघ को लाने की योजना बनाई गई है, जिससे इस क्षेत्र में बाघों की आबादी को और बढ़ावा मिलेगा।
माधव नेशनल पार्क में बाघों का कुनबा बढ़ा
दो साल पहले ही माधव नेशनल पार्क में तीन बाघों को पुनर्वासित किया गया था, जिसमें दो मादा और एक नर बाघ शामिल थे। इन बाघों के अनुकूल वातावरण में बसने के बाद एक मादा ने दो शावकों को जन्म दिया, जिससे पार्क में अब कुल छह बाघ हो गए हैं। इसके अलावा, वन्यजीव सुरक्षा को लेकर 13 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार का भी उद्घाटन किया गया है, जो बाघों और अन्य जीवों को सुरक्षित रखने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह मध्य प्रदेश और चंबल क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से यह क्षेत्र पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि चंबल अब सिर्फ अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और बाघों की शरणस्थली के रूप में भी पहचाना जाएगा।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व बनाना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने उल्लेख किया कि इससे पहले श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने की पहल की गई थी। अब, कूनो और माधव नेशनल पार्क दोनों वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

टाइगर रिजर्व बनने से न केवल बाघों के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि इससे देशी-विदेशी पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा। पर्यावरणविदों का मानना है कि यह फैसला वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।
इनका कहना…
“ये टाइगर रिजर्व न सिर्फ बाघों का आशियाना बनेगा, बल्कि पूरा चंबल गौरवान्वित होगा। यहां रोजगार के अवसर और पर्यटक भी बढ़ेंगे।”
डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश








