📰 अतुल कुमार जैन
बामौरकलां। रीवा जिले में पदविहार कर रहीं जैन साध्वियों की सड़क हादसे में हुई मौत के विरोध में सोमवार को शिवपुरी जिले के बामौरकलां कस्बे में सकल जैन समाज एवं समस्त सनातन हिन्दू समाज ने मौन रैली निकालकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। समाज ने इसे ‘सुनियोजित हमला’ बताते हुए संत सुरक्षा कानून बनाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
रीवा में क्या हुआ: समाज का आरोप
समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिष्याएं आर्यिका 105 श्रुतमती माताजी और आर्यिका 105 उपसमामती माताजी रीवा जिले में पदविहार कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से आए वाहन क्रमांक MH49CD8309 के चालक राशिद अली शाह ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों माताजियों का मौके पर ही समाधि मरण हो गया। समाज का आरोप है कि वीडियो फुटेज से स्पष्ट होता है कि यह साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला है। समाज ने घटना की उच्चस्तरीय SIT अथवा न्यायिक जांच की मांग की है, ताकि किसी भी आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा हो सके।
मौन जुलूस का मार्ग और दृश्य
दोपहर 12 बजे बामौरकलां स्थित जैन मंदिर से मौन जुलूस प्रारंभ हुआ। हाथों में काली पट्टी बांधे बच्चे, महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। जैनेतर समाज के लोगों ने भी रैली में भाग लिया। जुलूस मेन मार्केट, परदेसीपुरा, बस स्टैंड होते हुए थाना बामौरकलां पहुंचा। रैली में शामिल बच्चों के हाथों में संतों की सुरक्षा संबंधी संदेश लिखी तख्तियां थीं। तपती धूप के बावजूद समाज का प्रत्येक वर्ग रैली में शामिल हुआ।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
थाना परिसर में नायब तहसीलदार रामनरेश आर्य एवं थाना प्रभारी संजय लोधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। समाज के अध्यक्ष कीर्ति कुमार जैन ने ज्ञापन का वाचन किया।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
1. संत सुरक्षा नीति:- जैन मुनियों के पदविहार के दौरान प्रशासन की ओर से अनिवार्य पुलिस सुरक्षा, होमगार्ड, हाईवे पर अलग लेन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। समाज ने कहा कि संतों की सुरक्षा केवल समाज की नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन को कानून बनाना चाहिए।
2. सख्त कार्रवाई:- रीवा में हुई घटना को गैर-इरादतन हत्या न मानकर IPC की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। घटना की न्यायिक जांच कराकर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाए।
विद्यासागर सभागार में श्रद्धांजलि सभा
ज्ञापन सौंपने के बाद जुलूस पुनः बस स्टैंड मार्ग से होते हुए तालाबपुरा स्थित विद्यासागर सभागार पहुंचा। वहां आर्यिका माताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
समाज ने जताया आक्रोश
समाजजनों ने कहा कि साध्वियों पर जानबूझकर वाहन चढ़ाया गया, जिससे उनका समाधि मरण हो गया। इस घटना से समाज में बहुत आक्रोश है और न्याय की मांग की जा रही है। समाज का कहना है कि अहिंसक समाज पर हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान सचिव मनमोहन शर्मा, डॉ. चक्रेश जैन, मोहन गुप्ता, मनोज गुप्ता, मदन सोनी, देवेश पटेरिया, सीताराम पहाड़ियां, भज्जू महाराज, राजकुमार तिवारी प्रिंस, कृष्णकांत दुबे, दीपू दुबे, राधाकृष्ण शर्मा, नीरज गुप्ता, चंद्रशेखर गौतम, कमल सिंह नेताजी, रमेश शर्मा, रमेश पत्रकार सहित बड़ी संख्या में सकल जैन समाज एवं समस्त सनातन हिन्दू समाज के लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन का आश्वासन
नायब तहसीलदार रामनरेश आर्य ने ज्ञापन लेकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी संजय लोधी ने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
“रीवा में विगत 20 तारीख को दो जैन साध्वियों (माता जी) की सड़क हादसे में हुई मृत्यु बेहद दुखद और संदेहास्पद है। इस घटना से पूरे देश के जैन समाज में आक्रोश है। पदविहार करने वाले जैन संतों की सुरक्षा के लिए सरकार को तुरंत देश और प्रदेश स्तर पर ‘संत सुरक्षा नीति’ और कड़ा प्रोटोकॉल निर्धारित करना चाहिए। हमने इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।”
कीर्ति जैन, अध्यक्ष जैन समाज बामौर कलां
हमारी पूजनीय दोनों माता जी का जो रोड एक्सीडेंट में इरादतन जिनकी हत्या की गई है। साक्ष्यों और वीडियो के आधार पर हम सबने देखा है कि उनकी इरादतन हत्या लगती है, उसके विरोध में पूरे भारतवर्ष में हमारे जगत पूज्य मुनि पुंगव सुधासागर जी महामुनिराज और परम पूज्य प्रमाणसागर जी महाराज के निर्देश में, उनके आदेशानुसार सभी समाज ने एकत्रित होकर के विरोध स्वरूप यह मौन जुलूस निकाला है। इस तरह की घटनाओं से प्रशासन न्याय चाहते है
डां.चक्रेश जैन, विद्यासागर गुरुकुलम अध्यक्ष
संपर्क सूत्रों द्वारा बताया गया कि रीवा डिस्ट्रिक्ट में एक अज्ञात ही कार है उसका पता नहीं पड़ पाया है और जैन समाज के संत जो माताएं हैं, अपने विहार के लिए सुबह जा रही थीं। ऐसी कोई कम जगह दिख रहा है, वीडियो मैंने देखा है तो गाड़ी ने मतलब अनियमित… अनियमित होकर के या कुछ भी हो, परमात्मा जाने, टक्कर मार दी। जिसमें दोनों संत जो माताएं हैं, खत्म हो गईं। इस उपलक्ष्य में शांति मौन जुलूस निकाल कर के करीब 300 महिला व पुरुषों के साथ ज्ञापन दिया। ज्ञापन मैंने ले लिया है और उच्च स्तर पर कार्रवाई के लिए मैं शासन को प्रेषित करूँगा। जो भी होगा वहाँ के लिए न्यायिक प्रक्रिया होगी, उचित मतलब जो सजा के भागीदारी होंगे उनको सजा दी जाएगी। ऐसा मतलब ज्ञापन में आश्वासन दिया है और हम लोग भी दुःख में उनके साथ हैं।”
रामनरेश आर्य, नायाब तहसीलदार
“आज थाना बामौर कलां पर समस्त ग्रामवासी एवं जैन समुदाय द्वारा एकत्रित होकर रीवा जिले में जो जैन मुनि माताओं के साथ जो घटना घटित हुई है, उसके संबंध में एकत्रित होकर ज्ञापन सौंपा गया है कि निकट भविष्य में कोई भी ऐसी कोई घटना-दुर्घटना घटित न हो, उनकी सुरक्षा से संबंधित प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है।”
संजय लोधी, थाना प्रभारी बामौर कलां
Author: Atul Kumar Jain
अतुल कुमार जैन निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी क्षेत्र की जमीनी खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर इनकी विशेष पकड़ है। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी हलचल पर इनकी पैनी नजर रहती है। वर्तमान में तेजस रिपोर्टर के साथ जुड़कर शिवपुरी क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और निष्पक्ष एवं प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं।






