रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | शहर के मास्टर कॉलोनी में शनिवार को बिजली विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया। बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। भीड़ ने न केवल कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बल्कि उनके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल छीन लिए। इसके अलावा, सरकारी वाहनों पर पथराव कर नुकसान पहुंचाया गया।
बिजली चोरी पकड़ने पहुंची टीम पर बरपा गुस्सा
बिजली विभाग के जेई कैलाश अहिरवार के मुताबिक, टीम लोक अदालत के तहत धारा 135 में दर्ज मामलों में उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर छूट देने की जानकारी देने फतेहपुर क्षेत्र के बाली मास्टर कॉलोनी पहुंची थी। निरीक्षण के दौरान, टीम ने वहां अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के कई मामले पकड़े और अनधिकृत कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई की।
इस कार्रवाई से गुस्साए स्थानीय निवासी रूपेश बेड़िया, जैकी बेड़िया, सुरेंद्र बेड़िया, सुजीत बेड़िया, मौनू भार्गव और हरिओम शर्मा ने विरोध किया, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया।
कर्मचारियों को दौड़ाकर पीटा, मोबाइल और वाहन क्षतिग्रस्त
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब उन्होंने उपभोक्ताओं को समझाने का प्रयास किया कि केवल अवैध कनेक्शन ही हटाए जा रहे हैं, तो भीड़ ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर कर्मचारियों को धक्का देकर मारपीट की गई, जिसमें सौभाग्य लोधी, घनश्याम यादव, मनेन्द्र पाल और गजेन्द्र परिहार को चोटें आईं।

इसके अलावा, गुस्साए लोगों ने शासकीय वाहन एमपी33सी2215 का पीछे का कांच तोड़ दिया और बिजली विभाग की गाड़ियों पर पथराव किया। सहायक प्रबंधक पूजा वर्मा, रवि भोज, आमिल खान और मुकेश भदौरिया ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित भीड़ शांत होने को तैयार नहीं थी।
कॉलोनीवासियों के आरोप – ‘हमें स्थायी कनेक्शन नहीं दिया गया’
दूसरी ओर, मास्टर कॉलोनी के निवासियों ने भी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई और बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
-
स्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन देने के बावजूद बिजली विभाग ने उन्हें कनेक्शन नहीं दिया।
-
कर्मचारियों ने ही उन्हें अस्थायी रूप से बिजली जोड़ने की सलाह दी थी, क्योंकि खंभे और लाइन बिछाने की प्रक्रिया चल रही थी।
-
बिजली विभाग की टीम ने बिना किसी सूचना के अस्थायी कनेक्शन काट दिए, जबकि परीक्षाओं के चलते कॉलोनीवासियों ने कुछ समय मांगा था।
-
कर्मचारियों ने जातिसूचक गालियां दीं, महिलाओं के साथ अभद्रता की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
-
स्थायी कनेक्शन के लिए प्रति उपभोक्ता ₹50,000-₹80,000 की अवैध मांग की जा रही थी।





