📰 अतुल कुमार जैन
खनियांधाना । थाना खनियाधाना क्षेत्र के अछरौनी गांव में एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज ने एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान ले ली। मामूली बुखार के इलाज के लिए गई 4 माह की गर्भवती महिला की मौत एक इंजेक्शन लगते ही हो गई। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की खुशियों को उजाड़ गया, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को भी उजागर कर गया है।
मामूली बुखार से शुरू हुई मौत की कहानी
अछरौनी गांव निवासी 21 वर्षीय गुनगुन गौतम अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही थी और करीब 4 माह की गर्भवती थी। परिजनों के अनुसार, उसे अचानक तेज बुखार आया। पति तेज सिंह बैस उसे इलाज के लिए गांव में ही संचालित एक क्लिनिक पर ले गया, जहां अपूर्व मजूमदार नामक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था।
बिना जांच लगाए इंजेक्शन, तुरंत बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि तथाकथित डॉक्टर ने बिना किसी जांच, परीक्षण या चिकित्सकीय प्रक्रिया के गुनगुन को दो इंजेक्शन—एक हाथ में और दूसरा कमर में—लगा दिए।
इंजेक्शन लगते ही महिला को तेज जलन, घबराहट और बेचैनी होने लगी। हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि वह क्लिनिक की सीढ़ियां उतरते-उतरते ही बेहोश होकर गिर पड़ी।
अस्पताल पहुंचने से पहले थम चुकी थीं सांसें
घबराए परिजन तत्काल उसे खनियाधाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना में गुनगुन के गर्भ में पल रहे मासूम की भी मौत हो गई।
एक साथ दो मौतों से टूट गया परिवार
इस हादसे के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है। जिस घर में कुछ महीनों बाद बच्चे की किलकारी गूंजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
सही इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में योग्य डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है, जिसके कारण लोग मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को विवश हैं। उनका मानना है कि यदि समय पर सही और प्रशिक्षित डॉक्टर से इलाज मिलता, तो शायद गुनगुन और उसके बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी जा चुकी हैं कई जानें, फिर भी नहीं रुका अवैध इलाज
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनियाधाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। बिना किसी डिग्री और अनुमति के ये लोग खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन पर उठे सवाल
यह घटना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिरकार बिना लाइसेंस के ऐसे क्लिनिक कैसे संचालित हो रहे हैं? क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी या जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी?
लापरवाही, दो जिंदगियां खत्म
अछरौनी की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी का उदाहरण है। एक गलत इलाज और एक इंजेक्शन ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं और एक परिवार को जिंदगीभर का दर्द दे दिया। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई और ठोस सुधार की, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न बने।
इनका कहना है…
“मेरी पत्नी को हल्का बुखार था, इसलिए शाम करीब 5 बजे मैं उसे अछरौनी में एक डॉक्टर के पास ले गया। वहां बिना किसी जांच के उसे दो इंजेक्शन लगाए गए। इंजेक्शन लगते ही उसे तेज जलन हुई और सीढ़ियों से उतरते समय वह गिर पड़ी। कुछ ही देर में उसके मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी मौत हो गई। बाद में उसे अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मेरी पत्नी 21 साल की थी और तीन महीने से अधिक की गर्भवती थी।”
— तेजसिंह वैश, मृतका का पति
“कल शाम करीब 7:30 बजे एक महिला को परिजन अस्पताल लेकर आए थे, जहां परीक्षण में वह मृत अवस्था में पाई गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वे उसे एक झोलाछाप चिकित्सक के पास इलाज के लिए ले गए थे, जहां इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी मृत्यु हो गई।
इसकी सूचना थाने को दी गई है, मर्ग कायम कर लिया गया है और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। जल्द ही जांच के लिए एक दल बनाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”— डॉ. अरुण झासिया, बीएमओ, खनियाधाना
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते लोकप्रिय हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म
www.tejasreporter.com पर
आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
“दैनिक तेजस रिपोर्टर”
www.tejasreporter.com सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिक तकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ…
मैं पंकज जैन
और मेरे सहयोगी अब
24X7 आप तक देश विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।
ऐसी ही ताज़ा और अहम ख़बरों के लिए जुड़े रहें! सभी अपडेट्स व नोटिफिकेशन प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए बेल आइकन पर क्लिक कर अभी सब्सक्राइब करें।
Author: Atul Kumar Jain
अतुल कुमार जैन निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी क्षेत्र की जमीनी खबरों, स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर इनकी विशेष पकड़ है। क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी हलचल पर इनकी पैनी नजर रहती है। वर्तमान में तेजस रिपोर्टर के साथ जुड़कर शिवपुरी क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और निष्पक्ष एवं प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से अपनी सशक्त पहचान बना रहे हैं।






