रिपोर्ट – कार्यक्रम स्थल से एक्सक्लूसिव खबर – राजू अतुलकर
गुवाहाटी | देश में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई नई रेल सेवाओं का शुभारंभ किया। असम के कोकराझार में आयोजित कार्यक्रम में खराब मौसम के कारण वे सीधे उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन गुवाहाटी से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर उन्होंने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान कामाख्या–अमृतसर, गुवाहाटी–न्यू जलपाईगुड़ी और नारंगी–अगरतला एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण सेवाओं की शुरुआत की गई।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन नई रेल सेवाओं का उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को अधिक किफायती, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। साथ ही यह पहल आम यात्रियों, छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और व्यापारियों के लिए आवागमन को आसान बनाएगी। इससे विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।
आधुनिक तकनीक से लैस ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ –

इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण आधुनिक तकनीक से सुसज्जित अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें रहीं। ये ट्रेनें ‘पुश-पुल’ प्रणाली पर आधारित हैं, जिसमें दोनों सिरों पर इंजन लगाए जाते हैं। इस तकनीक की मदद से ट्रेन तेज गति से रफ्तार पकड़ सकती है और सुरक्षित ढंग से ब्रेक लगा सकती है। इन ट्रेनों की अधिकतम गति लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जा रही है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोचों में कई आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी गई हैं – इनमें आरामदायक बैठने की व्यवस्था, फोल्डेबल स्नैक टेबल, ऊर्जा-सक्षम एलईडी लाइटिंग और स्टेनलेस स्टील ग्रिल से सुरक्षित पंखे शामिल हैं। एयर-स्प्रिंग सस्पेंशन वाली बोगियां सफर को अधिक स्थिर और आरामदायक बनाती हैं, जबकि एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध कराती है।
इसके अलावा सीटों के पास मोबाइल होल्डर, रात में मार्गदर्शन के लिए चमकदार फर्श पट्टियां और प्रत्येक सीट पर यूएसबी टाइप-A और टाइप-C चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। हर कोच में चार शौचालय बनाए गए हैं, जिनमें भारतीय और पश्चिमी शैली दोनों विकल्प मौजूद हैं। इन शौचालयों में इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक प्रेशराइज्ड फ्लशिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे स्वच्छता बनाए रखना आसान होगा।
सुरक्षा के लिहाज से कोचों में एयरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली, स्वचालित साबुन डिस्पेंसर और सीलबंद गलियारे जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं। आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए बाहरी आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
नई रेल सेवाओं से देश के कई हिस्से जुड़ेंगे
नई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इन सेवाओं में –
अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु, अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल), न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल और न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली जैसे लंबे रूट शामिल हैं। इन ट्रेनों के कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव तय किए गए हैं, जिससे यात्रियों को व्यापक नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
वंदे भारत स्लीपर सेवा की भी शुरुआत

इसी अवसर पर प्रधानमंत्री ने मालदा टाउन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा का भी शुभारंभ किया। यह प्रीमियम ट्रेन शुरुआती चरण में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच संचालित होगी और लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगी।
विकास परियोजनाओं को भी मिली गति
रेल सेवाओं के अलावा प्रधानमंत्री ने लगभग 4,570 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें बाशबारी में रेलवे की पीओएच वर्कशॉप, चार फ्लाईओवर, दो पुल और ‘असम माला 3.0’ के तहत महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात सुगम होने के साथ-साथ पर्यटन और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
कुल मिलाकर यह पहल पूर्वोत्तर भारत के लिए कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे को नई दिशा देने की कोशिश मानी जा रही है।
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते लोकप्रिय हिंदी आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
“दैनिक तेजस रिपोर्टर”
www.tejasreporter.com सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिक तकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ…24X7
मैं पंकज जैन ✍️और मेरे सहयोगी अब आप तक देश विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।
ऐसी ही ताज़ा और अहम ख़बरों के लिए जुड़े रहें!
सभी अपडेट्स व नोटिफिकेशन प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए बेल आइकन पर क्लिक कर अभी सब्सक्राइब करें।
Author: Raju Atulkar
"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल




