📰 विशेष संवाददाता
भोपाल | मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्पा सेंटरों की आड़ में जिस्मफरोशी का संगठित नेटवर्क बेखौफ तरीके से संचालित होने के संकेत मिले हैं। “तेजस रिपोर्टर” की टीम द्वारा किए गए 10 दिनों के स्टिंग ऑपरेशन में कई परतें खुलकर सामने आईं, जिन्होंने कानून व्यवस्था और स्थानीय निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

उल्लेखनीय है, कि राजधानी की परतों के पीछे छिपे सच को सामने लाने के उद्देश्य से “तेजस रिपोर्टर” ने एक विशेष जांच मुहिम की शुरुआत की है —
‘ऑपरेशन मुखौटा’।

यह मुहिम उन गतिविधियों की पड़ताल के लिए शुरू की गई है, जो वैध व्यवसाय के नाम पर संचालित होती दिखाई देती हैं, लेकिन जिन पर समय-समय पर अनियमितता और शोषण के आरोप लगते रहे हैं।

इसी क्रम में, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 10 दिनों तक किए गए अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कुछ स्पा सेंटरों में संदिग्ध गतिविधियों के संकेत सामने आए हैं।
शाहपुरा से एमपी नगर तक फैला नेटवर्क
संवाददाता ग्राहक बनकर शाहपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बावड़ियां कलां स्थित एक स्पा सेंटर पहुँचे। पहले मोबाइल पर बातचीत हुई, फिर मौके पर पहुंचने पर रिसेप्शन पर बैठी युवती ने खुलकर दरें बताईं—

-
काउंटर चार्ज : ₹1500 (डिस्काउंट के बाद ₹1200)
-
“कॉर्पोरेट” या विशेष सेवा: ₹1000
-
स्टाफ : करीब 20–22 वर्ष आयु वर्ग
-
“नॉर्थ ईस्ट” उपलब्ध
ऑपरेशन मुखौटा के दौरान रिकॉर्ड की गई बातचीत में संचालक का नाम भी सामने आया है,कैमरे में कैद बातचीत में यह भी दावा किया गया कि शहर में इनके तीन अलग-अलग स्थानों पर स्पा सेंटर संचालित हैं और स्टाफ की अदला-बदली होती रहती है।

रिपोर्टर ने काउंटर शुल्क देकर प्रवेश लिया, जहां कमरे में मौजूद युवती ने स्पष्ट संकेत दिए कि ग्राहक किस उद्देश्य से आया है।
ऑनलाइन डायरेक्ट्री प्लेटफार्म से सीधी ‘सर्विस लाइन’
अगले चरण में हमारे विशेष संवाददाता ने ऑनलाइन सर्च के बाद एक सार्वजनिक डायरेक्ट्री प्लेटफार्म के माध्यम से एमपी नगर ज़ोन 2 स्थित एक अन्य स्पा सेंटर से संपर्क किया। यहां भी दरों का ढांचा लगभग समान मिला—
-
काउंटर : ₹1000
-
सर्विस चार्ज : ₹1500
-
“नॉर्थ ईस्ट” उपलब्ध

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
स्टिंग के दौरान रिकॉर्ड हुई बातचीत में इस स्पा सेंटर की संचालिका के रूप में एक चौंकाने वाला नाम सामने आया। बातचीत में यह भी दावा किया गया कि यहां काम करने वाले स्टाफ की अदला-बदली होती रहती है

हिंदू युवतियों से धंधा कराने के आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस स्पा सेंटर में मसाज के नाम पर हिंदू युवतियों से देह व्यापार कराया जाता है। सूत्रों का दावा है कि यह मामला सिर्फ एक स्पा सेंटर तक सीमित नहीं हो सकता। अगर इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो संभव है कि राजधानी में सक्रिय किसी बड़े संगठित गिरोह के तार सामने आएं।

स्पा सेंटर की संचालिका की पत्रकार को धमकी
एक स्पा सेंटर की संचालिका ने कथित तौर पर पत्रकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने उनके स्पा सेंटर से जुड़ी खबर प्रकाशित की तो वह संबंधित पत्रकारों पर अड़ीबाजी का मुकदमा दर्ज करा देंगी। जब एक रिपोर्टर ने उनका पक्ष जानने के लिए बात तो संचालिका ने यह कहते हुए धमकाया कि हम तो कह देंगे कि नॉर्मल सर्विस के लिए भेजा था हमारी कर्मचारी को डरा-धमका कर या हथियार के बल पर सब कुछ किया गया।
ऐसे में उठता है कि यदि कहीं अनैतिक गतिविधियों की शिकायत सामने आती है और पत्रकार उसका पर्दाफाश करते हैं, तो क्या उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर खबर प्रकाशित करने से रोका जाएगा? यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता पर दबाव डालने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
किन-किन इलाकों में सक्रियता?
स्टिंग के दौरान एमपी नगर, जवाहर चौक, शाहपुरा, इंद्रपुरी जैसे प्रमुख इलाकों में ऐसे स्पा सेंटरों की भरमार सामने आई। सूत्रों के अनुसार, केवल एमपी नगर क्षेत्र में ही एक दर्जन से अधिक स्पा सेंटर संचालित हैं, जिनमें अधिकांश पर देह व्यापार की गतिविधियां होने के संकेत हैं।

‘मजबूरी’ की आड़ में शोषण?
स्टिंग के दौरान कथित तौर पर यह भी सामने आया कि कई युवतियां कम पढ़ी-लिखी या आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से हैं। कुछ ने इसे “मजबूरी” बताया। अधिकतर स्थानों पर करीब 19-22 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि आकर्षण बढ़े और ग्राहक संख्या में इजाफा हो। नाबालिग आयु से संबंधित कथित दावों की भी जांच की आवश्यकता है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
पूर्व में क्राइम ब्रांच भोपाल ने 10 टीमों के साथ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर 10 स्पा सेंटरों पर कार्रवाई की थी। इनमें से 5 स्थानों पर स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट संचालित होने का खुलासा हुआ था और दर्जनों युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया था।

बावजूद इसके यह अवैध कारोबार फिर से सक्रिय होना कई सवाल खड़े करता है—
-
क्या निरीक्षण नियमित हैं?
-
क्या लाइसेंसिंग प्रक्रिया सख्त है?
-
क्या उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है?
-
क्या किसी स्तर पर संरक्षण की संभावना से इंकार किया जा सकता है?
खुला खेल, बंद आंखें?
राजधानी के व्यस्त और पॉश इलाकों में इतनी सहज उपलब्धता इस बात का संकेत है कि यह गोरखधंधा संगठित ढंग से संचालित हो रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस खुलासे के बाद कितनी तत्परता दिखाता है—या फिर यह नेटवर्क यूं ही ‘मसाज’ की आड़ में फलता-फूलता रहेगा।
ऑपरेशन मुखौटा – आगे क्या?
“तेजस रिपोर्टर” की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ‘ऑपरेशन मुखौटा’ के अंतर्गत प्राप्त संपूर्ण रिकॉर्डेड सामग्री पुलिस कमिश्नर, डीजीपी कार्यालय एवं गृह विभाग को सौंपने की तैयारी में है, ताकि आधिकारिक जांच की जा सके।
संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

ऑपरेशन मुखौटा का उद्देश्य किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि व्यवस्था के उस “मुखौटे” को हटाना है, जिसके पीछे यदि कोई अवैध गतिविधि संचालित हो रही है, तो वह सामने आ सके।
तेजस रिपोर्टर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की अगली एक्सपोज़ स्टोरी के लिए बने रहिए हमारे साथ।
Legal Disclaimer :
This report is based on a sting operation conducted by the correspondent, including direct interactions and available audio-video recordings. The facts and claims mentioned herein are based on preliminary observations and are subject to independent verification. Any final determination of allegations or legal action rests solely with the competent administrative and judicial authorities. Any concerned party may submit its response, which will be published with due prominence.
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते लोकप्रिय हिंदी आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
“दैनिक तेजस रिपोर्टर”
www.tejasreporter.com सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिक तकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ…24X7
मैं पंकज जैन ✍️और मेरे सहयोगी अब आप तक देश विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।
ऐसी ही ताज़ा और अहम ख़बरों के लिए जुड़े रहें!
सभी अपडेट्स व नोटिफिकेशन प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए बेल आइकन पर क्लिक कर अभी सब्सक्राइब करें।
Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है। तेजस रिपोर्टर में प्रबंध संपादक का पदभार संभाल रहे हैं।






