📰 पंकज जैन
मंडीदीप | औद्योगिक नगरी मंडीदीप में अवैध सूदखोरी का जाल इस कदर फैल चुका है कि अब यह लोगों की जान लेने लगा है। बड़े व्यापारी, सरकारी–निजी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार, रेहड़ी-ठेले वाले और गरीब मजदूर वर्ग भी सूदखोरों की गिरफ्त में फंसे हुए हैं। दबंग सूदखोर सरेआम धमकियां देते हैं, वसूली करते हैं और लोगों को मानसिक रूप से इस हद तक तोड़ देते हैं कि वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।

ऐसा ही एक हृदय विदारक मामला वार्ड क्रमांक 23 से सामने आया है, जहां सूदखोरों की लगातार धमकियों और दबाव से परेशान होकर 30 वर्षीय महिला अश्विनी ने बुधवार शाम करीब 4 बजे ज़हर पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन पहले उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए महिला को भोपाल एम्स रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है और हालत नाजुक बताई जा रही है।
घर पहुंचकर दी जाती थी धमकियां
परिजनों के अनुसार, सूदखोर बीते दो दिनों से महिला के घर पहुंचकर दबाव बना रहे थे। पीड़िता अश्विनी ने बताया कि सतलापुर जोड़ पर चाय की दुकान चलाने वाला पप्पू साहू और उसकी पत्नी उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। बुधवार को जब पति पंकज ड्यूटी पर गए हुए थे, तब दोनों घर पहुंचे और अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसी मानसिक दबाव में आकर महिला ने ज़हर पी लिया।

पति पंकज ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कोविड महामारी से पहले पप्पू साहू से कुछ रुपये उधार लिए थे, जिनमें से अधिकांश रकम ब्याज सहित चुका दी गई थी। इसके बावजूद सूदखोर अब भी 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। आरोप है कि सूदखोर ने दबाव बनाने के लिए घर के कागजात अपने पास रख रखे थे।
पुलिस ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलते ही मंडीदीप थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पप्पू साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम भोपाल एम्स पहुंची, जहां पीड़िता के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इनका कहना—
“महिला द्वारा ज़हर सेवन की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया है। मामले में आरोपी से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।”“महिला द्वारा विषाक्त पदार्थ सेवन की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रकरण की हर पहलू से जांच की जा रही है। सूदखोरी जैसे अवैध कृत्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित नागरिक बिना भय के आगे आएं और शिकायत दर्ज कराएं, उनके खिलाफ विधिसम्मत और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
लाइसेंस नहीं, फिर भी खुलेआम सूदखोरी
उल्लेखनीय है कि जहां बैंक और वित्तीय संस्थाएं लाइसेंस के तहत कर्ज देती हैं, वहीं सूदखोर बिना किसी वैधानिक अनुमति के मनमानी दरों पर ब्याज वसूल रहे हैं। हालात यह हैं कि शहर में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी सूदखोरी के अवैध धंधे में सक्रिय हैं।

गरीब और जरूरतमंदों को कर्ज देते समय उनसे खाली स्टांप, कोरे चेक और संपत्ति के कागजात ले लिए जाते हैं, जिनके सहारे बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। कहीं 5 से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज तो कहीं 50 प्रतिशत तक ब्याज वसूला जा रहा है। फल और सब्जी मंडियों में ठेले वालों को 8 हजार रुपये देकर 100 दिनों में 10 हजार वसूले जाने के मामले आम हैं।
गुंडों के दम पर वसूली
सूदखोरों ने वसूली के लिए बाकायदा वेतनभोगी गुंडे पाल रखे हैं, जो सुबह से शाम तक कर्जदारों के पीछे पड़े रहते हैं। पैसा न देने पर धमकी, गाली-गलौज और प्रताड़ना आम बात हो चुकी है। यही दबाव कई बार लोगों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर कर देता है।
प्रशासन की अनदेखी पर सवाल
लोगों का कहना है, कि प्रशासन की अनदेखी और खाकी की ढिलाई के चलते मंडीदीप में सूदखोरी का यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। हालांकि मौजूदा पुलिस अधीक्षक-आशुतोष गुप्ता (रायसेन) और एसडीओपी शीला सुराणा ने सख्ती का संकेत देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सूदखोरों के चंगुल में न फंसें और किसी भी तरह की प्रताड़ना की शिकायत तुरंत पुलिस से करें।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी मजबूरी में सूदखोरों से कर्ज लेने से बचना चाहिए। यदि लेना ही पड़े तो कोरे स्टांप या खाली चेक न दें, और एक स्पष्ट एग्रीमेंट जरूर बनवाएं, जिसमें रकम, ब्याज दर और शर्तें लिखित हों। तय शर्तों से अधिक वसूली या प्रताड़ना की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई संभव है।

सच यही है कि सूदखोरी का यह दलदल हर दिन किसी न किसी मजबूर की ज़िंदगी निगल रहा है। सवाल यह है— अगला शिकार कौन?
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते लोकप्रिय हिंदी आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
“दैनिक तेजस रिपोर्टर”
www.tejasreporter.com सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिक तकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ…24X7
मैं पंकज जैन ✍️और मेरे सहयोगी अब आप तक देश विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।
ऐसी ही ताज़ा और अहम ख़बरों के लिए जुड़े रहें!
सभी अपडेट्स व नोटिफिकेशन प्राप्ति के लिए नीचे दिए गए बेल आइकन पर क्लिक कर अभी सब्सक्राइब करें।
Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।









