✍️ रिपोर्ट: अतुल कुमार जैन शिवपुरी जिले का प्रशासन इन दिनों ऐसे भंवर में फंसा है, जहाँ नियमों की धज्जियाँ उड़ाना अब आदत बन चुकी है। नगर पालिका (Municipality Corruption), राजस्व विभाग (Revenue Fraud), और खनिज विभाग (Mining Scam) – सभी में एक संगठित भ्रष्टाचार का जाल फैल चुका है। अफसरशाही की यह बेलगाम व्यवस्था अब जनता की आवाज को दबाने लगी है।
भाजपा विधायक देवेंद्र जैन (BJP MLA Devendra Jain) ने इस पूरे सिस्टम की पोल खोलते हुए पूर्व SDM उमेशचंद कौरव पर गंभीर आपराधिक आरोप (Criminal Allegations against SDM) लगाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक ही मामले में एक ही दिन में तीन अलग-अलग आदेश (Multiple Contradictory Orders) जारी करके प्रशासनिक प्रक्रियाओं की खुली अवहेलना की गई।
फर्जी एनओसी (Fake NOC) के जरिए सरकारी ज़मीनों का नामांतरण किया गया, जबकि नगर पालिका से कोई वैध अनुमति नहीं थी। जब मामला उजागर हुआ तो कार्रवाई का ढोंग करते हुए सिर्फ क्रेताओं को निशाना बनाया गया (Selective Action on Buyers), जबकि असली दोषियों पर चुप्पी साध ली गई।
सरकारी ज़मीन का ग़लत सौदा: तालाब तक नहीं बख्शा गया
एक सर्वे में सामने आया कि करीब 1500 बीघा सरकारी ज़मीन, जिसमें तालाब भी शामिल था, को गलत तरीके से निजी नाम पर दर्ज किया गया। तहसीलदार (Tehsildar) ने इस नामांतरण को ख़ारिज कर दिया था, लेकिन पूर्व SDM कौरव ने आदेश को दरकिनार कर दिया और फर्जी प्रक्रिया को वैध बना दिया।
2010 में हुई विक्रय प्रक्रिया को 2024 में पुनः लागू करके न केवल पुराने घोटालों को जीवित किया गया बल्कि शासन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया।
कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, सिंधिया के दखल से हुआ बदलाव
विधायक जैन की शिकायतें जब कलेक्टर (Collector Shivpuri) तक पहुंचीं, तो पहले अनदेखी की गई। लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के हस्तक्षेप के बाद SDM कौरव को हटाकर अनुपम शर्मा को नियुक्त किया गया। विधायक का कहना है कि ये सिर्फ एक सतही कदम (Superficial Action) है – जबकि जरूरत है आपराधिक प्रकरण (FIR against SDM) दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की।
‘नरक पालिका’ बना नगर पालिका, खनिज विभाग भी भ्रष्टाचार की खान
विधायक ने तीखा हमला करते हुए कहा कि नगर पालिका अब नरक पालिका (Hell-like Municipality) बन चुकी है। यहां साफ-सफाई, अनुशासन, या पारदर्शिता का कोई नामोनिशान नहीं है। सरकारी दुकानें बिक रही हैं, ठेकों में भारी घोटाले हो रहे हैं और वित्तीय अनियमितताएं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं।
खनिज विभाग में भी खनन माफियाओं से मिलीभगत (Illegal Mining Nexus) के चलते लाखों का खेल हो रहा है – लेकिन जांच कोई नहीं करता।
“अब न्यायालय ही आखिरी उम्मीद”: देवेन्द्र जैन
विधायक देवेंद्र जैन ने साफ किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है। बल्कि उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि इस भ्रष्टाचार को उजागर (Expose Corruption) करना अब मीडिया का दायित्व है।
उन्होंने कहा, “यदि प्रशासन न्याय नहीं देगा, तो मैं न्यायालय का सहारा लूंगा। शिवपुरी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना मेरी अंतिम सांस तक की लड़ाई है।”
न्यूरोलॉजिस्ट की नियुक्ति पर आभार
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल (Rajendra Shukla) के सहयोग से शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश गोयल की नियुक्ति करवाई गई है, जिससे जिले के मरीजों को अब भोपाल या ग्वालियर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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