✍️ रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
खनियाधाना (Khaniyadhana) | नगर आज उस समय सनसनी से भर गया जब सोमवार दोपहर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी मनोज निगम (Patwari Manoj Nigam) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। किसान गजराज सिंह लोधी (Gajraj Singh Lodhi) ने खसरा दुरुस्तीकरण (Khasra Correction) के बदले मांगी गई रिश्वत की शिकायत पहले ही ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय (Gwalior Lokayukta Office) में कर दी थी, जिसके बाद टीम ने यह जाल बिछाया।
जमीन के सौदे में बाधा बना खसरा, पटवारी ने मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, किसान गजराज सिंह ने अपनी जमीन का सौदा कर दिया था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड (Government Records) में उसके नाम का उल्लेख नहीं था। जमीन की रजिस्ट्री (Land Registry) कराने के लिए उसे खसरा दस्तावेज़ (Khasra Document) दुरुस्त कराना अनिवार्य था। इस काम के एवज में पटवारी मनोज निगम ने किसान से अवैध रूप से रिश्वत की मांग की थी।
किराए के मकान में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धरा गया पटवारी

लोकायुक्त टीम (Lokayukta Team) के मुताबिक, पटवारी ने किसान को सोमवार दोपहर 12 बजे खनियाधाना के कारम देव मोहल्ला (Karam Dev Mohalla) स्थित किराए के मकान पर बुलाया। जैसे ही किसान ने पहले से तय 3 हजार रुपए, 500-500 रुपए के नोटों में पटवारी को थमाए, उसने बाहर खड़ी डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह (DSP Vinod Singh Kushwaha) के नेतृत्व वाली टीम को संकेत दिया।
लोकायुक्त टीम की दबिश, रिश्वत की रकम बरामद
संकते मिलते ही लोकायुक्त की टीम फुर्ती से भीतर घुसी और पटवारी को रिश्वत की रकम (Bribe Amount) के साथ पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही पटवारी के हाथ धुलवाए, जिसमें रिश्वत के नोटों पर लगे रसायन (Chemical) से रंग निकल आया। यह रिश्वत की पुष्टि का ठोस प्रमाण बना। खबर लिखे जाने तक लोकायुक्त की टीम आवश्यक कानूनी कार्रवाई (Legal Action) कर रही थी।
इनका कहना है…
“पटवारी मनोज निगम ने मेरे से 10 हजार रुपए मांगे,काफी मिन्नते करने के बाद 5 हजार रुपए में यह सौदा हुआ। मनोज निगम को मैने 2 हजार रुपए पहले दिए और 3 हजार रुपए बाद में। किसान गजराज लोधी ने इस मामले की शिकायत ग्वालियर जाकर लोकायुक्त पुलिस से कर दी।”
गजराज सिंह लोधी,किसान







