✍️ रिपोर्ट : अतुल कुमार जैन
🌾 परंपरागत खेती से आधुनिक तकनीकों तक : सज्जन सिंह की सफलता की कहानी
कहते हैं, “अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात भी आपके पक्ष में बदल जाते हैं।” शिवपुरी के ग्राम किरौली निवासी सज्जन सिंह ने इस कथन को सच कर दिखाया। 15 साल पहले तक सज्जन सिंह भी पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे थे, जहां फसलें तो उगती थीं लेकिन मुनाफा सीमित था। आज, वह नए कृषि तकनीकों को अपनाकर सालाना 55 लाख रुपए की शुद्ध आय कमा रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
🚜 एकल खेती से मल्टी-क्रॉपिंग तक: कैसे बदली उनकी रणनीति?
पहले, सज्जन सिंह केवल सोयाबीन, गेहूं, चना और सरसों जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे। लेकिन, कम मुनाफा और आय में अस्थिरता ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। कृषि विज्ञान केंद्र, शिवपुरी के वैज्ञानिकों की मदद से उन्होंने खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाया और मल्टी-क्रॉपिंग (Multi-cropping) मॉडल को अपनाया।
🔹 खरीफ सीजन : टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन
🔹 रबी सीजन : गेहूं, सरसों, गोभी, प्याज
🔹 जायद सीजन : खरबूजा, भिंडी, खीरा
इन विभिन्न फसलों से उनकी आय और उत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई।
ड्रोन तकनीक से खेती को नई ऊंचाई
नवीनतम तकनीकों में रुचि रखने वाले सज्जन सिंह ने हाल ही में ड्रोन स्प्रे तकनीक का उपयोग किया। उन्होंने अपनी प्याज की फसल में पोषक तत्वों और कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से किया, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई।
ड्रोन स्प्रे के फायदे :
✅ समय की बचत और अधिक उत्पादकता
✅ कम पानी और कम श्रम लागत
✅ अधिक समान पोषक तत्व वितरण
शिवपुरी जिले के अन्य किसान भी ड्रोन तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं, जिससे खेती में एक नया युग शुरू हो रहा है।
🐄 पशुपालन से अतिरिक्त आय, 35 लीटर दूध उत्पादन!
खेती के साथ-साथ सज्जन सिंह ने पशुपालन को भी अपनी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनाया है। उनके पास 2 गाय और 3 भैंसें हैं, जो रोज़ाना 35 लीटर दूध का उत्पादन करती हैं। इस दूध को बेचकर वे अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।
👨👩👧👦 परिवार और शिक्षा : सफलता के साथ खुशहाल जीवन
48 वर्षीय सज्जन सिंह अपने परिवार के साथ संतुष्ट और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। उनकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं, जिन्हें वे उच्च शिक्षा दिलवा रहे हैं।

वह मानते हैं कि, “अगर किसान सही तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह को अपनाएं, तो खेती घाटे का सौदा नहीं बल्कि सोने की खदान बन सकती है!”
💡 प्रेरणा : अन्य किसानों के लिए सफलता की राह
सज्जन सिंह केवल खुद की उन्नति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं। समय-समय पर वह कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी से प्रशिक्षण लेते हैं और नई तकनीकों को अपनाने के लिए अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित करते हैं।

👉 आप इस पर क्या सोचते हैं? क्या आपने भी अपनी खेती में कोई नई तकनीक अपनाई है? हमें कमेंट में बताएं!






