रिपोर्ट-राकेश जैन
रायसेन | नगर पालिका इन दिनों गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रही है। इसके बावजूद, नगर पालिका के पास जंग खा रहे लाखों रुपए के कंडम वाहन और अन्य सामान उपेक्षित पड़े हैं। सामुदायिक भवन के पास खड़ी कंडम फायर ब्रिगेड, दो शांति वाहन, एक ट्राली और अन्य कबाड़, जिनकी नीलामी से 8 से 10 लाख रुपये जुटाए जा सकते हैं, अब भी नगर पालिका की उदासीनता का शिकार हैं।
करीब छह महीने पहले, नगर पालिका की सीएमओ, सुश्री सुरेखा जाटव ने यह आश्वासन दिया था कि इन वाहनों और सामान की नीलामी के लिए निविदाएं जल्द ही जारी की जाएंगी। लेकिन आधे साल बीत जाने के बाद भी, इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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चौकीदार की अनभिज्ञता और सुरक्षा पर सवाल :
नगर पालिका परिसर में तैनात चौकीदार से जब इन वाहनों की संख्या और स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई, तो उसने साफ तौर पर अनभिज्ञता जाहिर की। उसका कहना था कि इस संबंध में जानकारी सिर्फ सीएमओ ही दे सकती हैं। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि यदि ऐसे में कोई वाहन चोरी हो जाता है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
नगर पालिका की निष्क्रियता पर उठते सवाल :
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन कंडम वाहनों और कबाड़ की नीलामी जल्द की जाती है, तो इससे न केवल नगर पालिका की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, बल्कि परिसर में भी साफ-सफाई और जगह का उचित उपयोग हो सकेगा। लेकिन नगर पालिका की धीमी प्रक्रियाएं और जवाबदेही की कमी इस समाधान को ठंडे बस्ते में डालती नजर आ रही है।









