रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। झाड़-फूंक के नाम पर एक तांत्रिक ने 6 महीने के मासूम को आग के ऊपर उल्टा लटका दिया, जिससे उसका चेहरा और आंखें बुरी तरह झुलस गईं। बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों के अनुसार, उसकी आंखों की रोशनी जाने की आशंका है।
तंत्र-मंत्र के फेर में मासूम का जीवन संकट में
घटना 13 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है। छह महीने के मंयक को उसकी मां इलाज के लिए 50 वर्षीय तांत्रिक रघुवीर धाकड़ के पास लेकर गई थी। बच्चा कुछ दिनों से बीमार था, और अंधविश्वास के चलते परिवार ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने का फैसला किया। तांत्रिक ने अजीबोगरीब अनुष्ठान के नाम पर बच्चे के दोनों पैर पकड़कर उसे आग के ऊपर उल्टा लटका दिया। तेज लपटों और धुएं की वजह से मासूम का चेहरा झुलस गया और उसकी आंखों का कॉर्निया गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
माता-पिता ने बचाने की कोशिश की, पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना के तुरंत बाद, घबराई मां अपने झुलसे हुए बेटे को शिवपुरी जिला अस्पताल लेकर पहुंची। लेकिन मामले की गंभीरता के बावजूद, बच्चे के माता-पिता आरोपी तांत्रिक को बचाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए बयान दिया कि बच्चा चाय बनाने के दौरान आग की चपेट में आ गया था। हालांकि, जब पुलिस ने गांव के कोटवार जनवेद परिहार को मुख्य फरियादी बनाकर पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आ गई।

शिवपुरी के एसपी अमन सिंह राठौड़ ने तांत्रिक रघुवीर धाकड़ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह के अंधविश्वासी अनुष्ठानों में लिप्त रहा है।
डॉक्टरों की चेतावनी : रोशनी वापस आएगी या नहीं, 72 घंटे में होगा फैसला

शिवपुरी जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे की दोनों आंखों का कॉर्निया झुलस गया है, जिससे उसकी दृष्टि पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 72 घंटे बेहद अहम होंगे, क्योंकि इसी दौरान यह तय होगा कि बच्चे की आंखों की रोशनी बच पाएगी या नहीं।
सोशल मीडिया पर गूंजा मामला, डॉक्टर ने की कठोर कार्रवाई की मांग
घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉ. गिरीश चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लिखा कि “इस तरह की अमानवीय घटनाएं समाज में अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं और मासूमों की जिंदगी खतरे में डालती हैं।” सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग आरोपी तांत्रिक को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है…
“मामले की गंभीरता को देखते हुए आग और धुंए में बच्चे को उल्टा लटकाने वाले तांत्रिक रघुवीर धाकड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वह फरार है, तलाश जारी है।”
विजय सिंह यादव, एसडीओपी कोलारस








