हज़ारों जीवनों में नई उम्मीद का उजाला निःशुल्क सहायक उपकरण शिविर ने रचा अभूतपूर्व रिकॉर्ड

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रिपोर्ट – अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | सेवा, सहानुभूति और सरकारी प्रतिबद्धता – इन तीनों मूल स्तंभों पर आधारित, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएँ एडिप (ADIP) और राष्ट्रीय वयोश्री शिवपुरी जिले में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण प्रदान करने के उद्देश्य से पिछोर में आयोजित व्यापक परीक्षण शिविर ने इस बार सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए अभूतपूर्व भीड़ दर्ज की।
यह शिविर सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए आशा और सम्मान की पुनर्स्थापना था, जो वर्षों से ऐसी सुविधाओं के इंतज़ार में थे।
कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री के निर्देशन में प्रशासनिक टीम की बड़ी पहल
इस विशाल आयोजन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी की रही, जिन्होंने जिलेभर में 12 दिसंबर 2025 तक शिविरों की श्रृंखला सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए।
केंद्रीय मंत्री तथा क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी के निरंतर मार्गदर्शन ने इस पूरी प्रक्रिया को और भी व्यवस्थित बनाया।
सभी नगरपालिकाओं, ग्राम पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों और वार्ड प्रभारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि
“हर पात्र हितग्राही को दस्तावेजों सहित शिविर में उपस्थित कराया जाए।”
इन्हीं प्रयासों का परिणाम था कि पिछोर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
भीड़ बढ़ी, व्यवस्थाएँ डगमगाईं—लेकिन सीईओ नरवरिया बने संकटमोचक
पहले दिन की तुलना में दो से तीन गुना अधिक भीड़ के चलते जनपद कार्यालय का पूरा परिसर छोटा पड़ गया।
दिव्यांगजन और वृद्धजन भारी संख्या में पहुँचने लगे और भीड़ नियंत्रण प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।
ऐसे कठिन क्षण में सीईओ एन.एस. नरवरिया ने उत्कृष्ट निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता का परिचय दिया।
उन्होंने तुरंत पास के छत्रसाल स्टेडियम को खुलवाकर पूरी भीड़ को सुरक्षित रूप से बैठाने की व्यवस्था कराई।
इसके साथ ही, भीड़ प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने एसडीओपी प्रशांत शर्मा को सूचित कर पुलिस बल बुलवाया, जिसने स्थिति को पूर्ण रूप से नियंत्रित कर लिया।
यह पहल दिखाती है कि सही नेतृत्व केवल आदेशों से नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लिए गए निर्णयों से साबित होता है।
आंकड़े बताते हैं – इस बार पिछोर जिले को मिलेगा ₹1 करोड़ से भी अधिक मूल्य का लाभ
एलिम्को (ALIMCO) की विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए परीक्षण में अनुमान लगाया गया है कि हितग्राहियों को लगभग 25 से 30 प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे –
कृत्रिम अंग, कैलीपर्स, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र आदि।
पहले चरण का परिणाम
4 दिसंबर को आयोजित शिविर में:
413 लाभार्थी पंजीकृत हुए
1900 उपकरणों की सूची तैयार हुई
कुल मूल्य: ₹36,13,814
आज की रिकॉर्ड भीड़ का असर
सीईओ नरवरिया के अनुसार:
“आज की अभूतपूर्व उपस्थिति को देखते हुए, पिछोर जनपद को ₹1 करोड़ से भी अधिक मूल्य के सहायक उपकरण मिलने का अनुमान है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे वरिष्ठजनों और दिव्यांग भाइयों-बहनों के जीवन को आसान बनाने का संकल्प है।”
लाभार्थियों की आँखों में उम्मीद—व्यवस्था की खूब सराहना

शिविर में बैठे दिव्यांगजन और वृद्धजन सेवा और संवेदनशीलता के इस माहौल से स्पष्ट रूप से प्रभावित थे।
देवगढ़ के हितग्राही रोशन लोधी ने कहा –
“जांच की व्यवस्था बहुत अच्छी है। सभी अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। जांच के बाद रसीद भी दी गई है। वितरण के दिन हमें फोन करके बुलाया जाएगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।”
देवगढ़ के रोजगार सहायक महिपाल सिंह चौहान ने भी व्यवस्था की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने अपनी पंचायत से करीब 35 लाभार्थियों को शिविर तक पहुंचाया।
जिले भर में जारी रहेंगे शिविर—12 दिसंबर तक हर विकासखंड में अवसर
कलेक्टर श्री चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि:
“कोई भी पात्र हितग्राही छूटना नहीं चाहिए।”
प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव और वार्ड प्रभारी को शिविर समाप्ति पर प्रमाण देना अनिवार्य होगा कि उनके क्षेत्र में अब कोई पात्र व्यक्ति परीक्षण के लिए शेष नहीं है।
आगामी शिविर जनपद कोलारस में 11 दिसम्बर तथा जनपद शिवपुरी में 12 दिसंबर को आयोजित होने है।

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Raju Atulkar
Author: Raju Atulkar

"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल

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