रिपोर्ट – अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | जिले में एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक घटना सामने आई, जहां खेल-खेल में आठ वर्षीय मासूम ने 5 रुपए का सिक्का निगल लिया। सिक्का निगलने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में कठिनाई होने लगी। परिजन घबराकर उसे जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जीवनरक्षक ऑपरेशन कर बच्चे की जान बचाई।
सांस अटकने से बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, शहर के रामा जाटव का आठ वर्षीय बेटा रोहित जाटव स्कूल से लौटने के बाद अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल में उसने 5 रुपए का सिक्का उठाया और “गायब करने” का खेल दिखाने के लिए उसे अपने मुंह में डाल लिया। इस दौरान सिक्का सीधे गले में जाकर अटक गया। अचानक उसकी सांस फूलने लगी और वह घबराने लगा। बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर
ड्यूटी डॉक्टरों ने जांच के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए बच्चे को श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, शिवपुरी रेफर कर दिया। यहां कैजुअल्टी डॉक्टर ने तुरंत ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी को जानकारी दी। इसके बाद ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मेघा प्रभाकर, एसआर डॉक्टर मीनाक्षी गर्ग, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. संजीव सहित पूरी टीम ऑपरेशन थिएटर में सक्रिय हुई।
एंडोस्कोप की मदद से सफल ऑपरेशन
बच्चे का एक्स-रे करवाकर स्थिति स्पष्ट की गई, जिसमें पता चला कि सिक्का आहार नली और सांस नली के बीच फंसा हुआ है। यह बेहद खतरनाक स्थिति थी, क्योंकि जरा-सी चूक से बच्चे की जान जा सकती थी। डॉक्टरों ने बच्चे को बेहोश कर एंडोस्कोप की मदद से सिक्के की लोकेशन देखी और पतली चिमटी का सहारा लेकर सिक्का बाहर निकाला। कुछ ही मिनटों में ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
डॉक्टरों और परिजनों ने ली राहत की सांस
ऑपरेशन सफल होने के बाद बच्चे की सांसें सामान्य हो गईं और उसकी हालत स्थिर हो गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान परिजन परेशान और डरे हुए थे। जैसे ही डॉक्टरों ने सिक्का बाहर निकाला, ओटी में मौजूद स्टाफ और परिजनों ने राहत की सांस ली।
कॉलेज प्रबंधन रहा सक्रिय
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मेघा प्रभाकर ने बताया कि बच्चे की स्थिति बेहद नाजुक थी। इसकी सूचना तत्काल कॉलेज अधिष्ठाता डॉ. डी. परमहंस और अधीक्षक डॉ. आशुतोष चौऋषि को दी गई। अधिष्ठाता के निर्देशन में पूरी टीम ने तत्परता दिखाते हुए सफल ऑपरेशन किया। अब बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और सामान्य स्थिति में है।
समय पर उपचार से बची जान
चिकित्सकों ने अपील की कि यदि कभी किसी बच्चे द्वारा सिक्का, खिलौना या कोई अन्य वस्तु निगल ली जाए तो तत्काल चिकित्सकों से संपर्क करें। समय पर इलाज और सही चिकित्सकीय प्रक्रिया से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
Author: Raju Atulkar
"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल







