रिपोर्ट – अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | रविवार सुबह करीब 8:30 बजे बामौर कलां में एक नहर के पास स्थित खेत में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। 11 केवी की हाई वोल्टेज बिजली लाइन गिरने से करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर तीन मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में एक भैंस, एक पड़िया और एक कुत्ता शामिल है। वहीं एक गाय गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी टांग कटकर अलग हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक और गुस्से का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा दिनेश अहिरवार के खेत में हुआ, जो नहर के पास स्थित है। मृत मवेशियों में भैंस और पड़िया मनोहर राय पुत्र कोमल की थी, जबकि गाय नरेंद्र अहिरवार की और कुत्ता गुलाम सिंह का बताया गया है। हादसे के वक्त खेत में कोई व्यक्ति नहीं था, वरना जनहानि भी हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शी धर्मेंद्र ने बताया कि सुबह जब वे अपने खेत पर काम करने पहुंचे, तभी उनके सामने ही यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि इसी बिजली लाइन से पहले भी कई बार चिनगारियां निकलती रही हैं, लेकिन विद्युत विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। धर्मेंद्र कहते हैं, “अगर समय रहते लाइन की जांच की जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था।”

ग्रामीणों का कहना है कि इस लाइन की स्थिति काफी खराब है और यह खेतों के बीच से गुजरती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस लाइन को खेतों से हटाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। मवेशियों के मालिकों ने मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि गरीब किसान अपने मवेशियों से ही अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं, ऐसे में इस नुकसान की भरपाई जरूरी है।
घटना की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुर्मी, जेई खनियाधाना मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि “कल शाम तेज आंधी के कारण खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की लाइन टूट गई थी। उसी के कारण मवेशियों को करंट लगा और उनकी ऑन स्पॉट मौत हो गई।” उन्होंने यह भी कहा कि विभाग मरम्मत कार्य जल्द पूरा करेगा और जिन लोगों के मवेशी मरे हैं, उन्हें मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि “यह अच्छी बात रही कि जिस खेत में हादसा हुआ, वहां की फसल कट चुकी थी। यदि आसपास की फसलें भी प्रभावित होतीं तो आगजनी जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।” हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह एक बड़ी लापरवाही का नतीजा है और विभाग को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग की सतर्कता पर्याप्त है? हाई वोल्टेज लाइनें खेतों के ऊपर से गुजरती हैं, जिससे हमेशा जान-माल का खतरा बना रहता है। किसानों और पशुपालकों की आजीविका का बड़ा हिस्सा मवेशियों पर निर्भर होता है, ऐसे में प्रशासन और विभाग को इस तरह की लापरवाही के लिए जवाबदेह बनाना जरूरी है।
ग्रामीणों की मांग है कि न केवल उन्हें उचित मुआवजा मिले, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कार्रवाई की जाए। क्षेत्रीय प्रशासन और विद्युत विभाग को अब सतर्कता बढ़ाने और पुराने, जर्जर तारों की समय पर जांच और मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी।
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Author: Raju Atulkar
"पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी भी है…" साल 2015 से कलम की स्याही से सच को उजागर करने की यात्रा जारी है। समसामयिक मुद्दों की बारीकियों को शब्दों में ढालते हुए समाज का आईना बनने की कोशिश। — राजू अतुलकर, तेजस रिपोर्टर डिजिटल







