✍️ रिपोर्ट : राजू अतुलकर
मंडीदीप, मध्यप्रदेश | राजधानी भोपाल से सटे औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में बीती रात एक बार फिर गैस रिसाव की गंभीर घटना सामने आई, जिससे न सिर्फ स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया, बल्कि गेल (GAIL India Ltd) के सुरक्षा मानकों पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

-
भोपाल के पास मंडीदीप में फिर गैस रिसाव, लापरवाही या चूक? -
10 घंटे तक गैस का कहर, मंडीदीप में पसरा सन्नाटा
-
रात 12 बजे से सुबह 9:15 तक होती रही गैस लीकेज
-
सेफ्टी ऑडिट की बात, लेकिन दोबारा हादसे ने खड़े लिए सवाल
-
NDRF-SDRF की मुस्तैदी ने टाली बड़ी दुर्घटना
-
गेल प्रबंधन का दावा : “स्थिति नियंत्रण में”, पर जनता डरी
मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात आधी रात के बाद शुरू हुआ रिसाव, सुबह तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

गेल के एल-सीएनजी स्टेशन से मंगलवार रात लगभग 2:30 बजे गैस रिसाव शुरू हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए दमकल, प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें त्वरित रूप से मौके पर पहुंची और प्लांट के एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया। सुबह करीब 9:15 बजे तक रिसाव पर नियंत्रण पाया जा सका।
गैस का बादल, बंद किए गए वॉल्व, प्लांट में अफरा-तफरी का माहौल
रिसाव के कारण गैस के वाष्प से एक बादल बन गया था, जिसे नियंत्रित करने के लिए एलसीएनजी टैंक को खाली किया गया। अग्निशमन दलों ने निरंतर जल छिड़काव कर घटनास्थल को ठंडा रखा। इस दौरान प्लांट कर्मचारियों और आसपास के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
जिला प्रशासन और गेल का दावा: स्थिति नियंत्रण में, कोई जनहानि नहीं

कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, एसपी पंकज पांडे, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने कहा कि घटना गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतते हुए पूरे प्लांट का सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है। वहीं, गेल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी डोंगरे ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित बताया और कहा कि किसी भी नागरिक को हटाने या स्कूल बंद करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
दो साल में दूसरी बार गैस रिसाव : सेफ्टी सिस्टम पर सवाल
इससे पहले भी वर्ष 2022 में इसी प्लांट में गैस लीक की घटना हुई थी, जिसमें आंखों में जलन, चक्कर और उल्टी की शिकायतें आई थीं। ऐसे में यह दूसरी बड़ी घटना है जिसने गेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
गेल की सफाई और जांच समिति का गठन
गेल इंडिया लिमिटेड ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि एक वरिष्ठ-स्तरीय समिति गठित कर दी गई है, जो रिसाव के कारणों की गहन जांच करेगी। साथ ही, नोएडा स्थित राष्ट्रीय गैस प्रबंधन केंद्र से स्थिति की निगरानी की जा रही है। जयपुर से विशेष सेफ्टी टीम भी प्लांट की जांच के लिए पहुंच गई है।
क्या करता है यह प्लांट?

मंडीदीप स्थित गेल का यह प्लांट एलएनजी को पीएनजी में बदलकर घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए सप्लाई करता है। इसकी स्टोरेज क्षमता घरेलू गैस के लिए 750 एससीएम, कॉमर्शियल के लिए 1600 एससीएम और इंडस्ट्रियल गैस के लिए 7500 एससीएम है।
इनका कहना है…
“प्लांट से देर रात गैस का रिसाव शुरू हुआ था, जिसकी जानकारी प्रशासन को सुबह करीब 5 बजे प्राप्त हुई। स्थिति पर अब नियंत्रण पा लिया गया है, रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और प्रभावित क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया है। फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर प्लांट का सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक प्रभावी सेफ्टी एसओपी तैयार की जा रही है।”
अरुण विश्वकर्मा, कलेक्टर-रायसेन“प्लांट की सुरक्षा जांच जारी है। सेफ्टी ऑडिट के पूरा होने के बाद ही गैस रिसाव के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।”
पंकज पांडे, पुलिस अधीक्षक-रायसेन

पंकज पांडे, पुलिस अधीक्षक-रायसेन






