रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
बामौर कलां | श्री १००८ पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बामौर कलां में पूज्य मुनि श्री 108 निरापद सागर जी महाराज के मंगलमय सानिध्य में अष्टान्हिका पर्व के पावन अवसर पर सिद्धों की आराधना का आयोजन हुआ। इस शुभ अवसर पर श्री सिद्धचक्र मंडल विधान का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें पहले दिन 56 अर्घ्य समर्पित किए गए।
आज, दिनांक 7 मार्च 2025 (फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष अष्टमी, शुक्रवार) को शांतिधारा एवं विधान पूजन का सौभाग्य कई श्रद्धालुजनों को प्राप्त हुआ।
भक्तों ने किया पुण्य अर्जन
-
प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य सतीश चंद, शैलेष, मेरु, रेशु जैन पांडे परिवार को प्राप्त हुआ।
-
द्वितीय शांतिधारा के पुन्यार्जक प्रकाश चंद, डॉ. चक्रेश, प्रिंस, चित्रांश, सरस जैन (भारिल्ल परिवार) रहे।
-
ध्वजारोहण का सौभाग्य प्रिंस एवं श्रीमती स्वाति की वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सिं सुमत प्रकाश, ऋषभ, अमित, उदित, मोहित जैन (सिंघई परिवार) को प्राप्त हुआ।
धर्ममय आयोजन में विशेष भूमिकाएं
-
सौधर्म इंद्र की भूमिका में संजीव, राजीव, दीपक, सौमिल, सजल, आदित्य जैन (मिठया परिवार) रहे।
-
कुबेर इंद्र बने अखलेश, अभिषेक, कुंज जैन (मिठया परिवार)।
-
श्रीपाल मैनासुंदरी के रूप में कीर्ति, श्रीमती रानी जैन (मोदी परिवार) उपस्थित रहे।
-
महायज्ञनायक की भूमिका में उत्तम चंद, प्रदीप, मनीष, अनुराग, रोहित, राहुल जैन (मिठया परिवार) रहे।
-
ईशान इंद्र बने अशोक कुमार, संजीव, अनादि जैन (मिठया परिवार)।
-
सानात इंद्र के रूप में विजय कुमार जैन (सिंघई परिवार) एवं महेन्द्र इंद्र के रूप में जितेंद्र कुमार, गौरव जैन (शास्त्री परिवार) रहे।







