रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
वर्तमान में, सोशल मीडिया पर रील बनाने का क्रेज युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। प्रसिद्धि की चाह में, कई युवा अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से भी नहीं हिचकिचाते। यह न केवल उनकी स्वयं की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज और क्षेत्र की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाता है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास शहर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने रील में आपत्तिजनक बयान देकर स्थानीय निवासियों को आक्रोशित कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवती का पता लगाया, जो अब कार्रवाई से बचने के लिए माफी मांग रही है।
युवती द्वारा बनाई गई रील ने न केवल बदरवास शहर, बल्कि पुलिस विभाग में भी हलचल मचा दी। रील में युवती कहती नजर आ रही है, “घमंड तो मौ को एक ही बात को है, लड़की खरीदती और बेचती हूं, वो भी बदरवास से। है कोई हमारी टक्कर में तो खरीदकर बताए और कमेंट करें।” इन शब्दों से मानव तस्करी का संकेत मिलता है, जिसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच की। जांच में पता चला कि रील में कही गई बातों का बदरवास शहर से कोई संबंध नहीं है; युवती ने केवल प्रवाह में आकर शहर का नाम लिया। विशेष बात यह है कि वीडियो बनाने वाली युवती शिवपुरी जिले की नहीं, बल्कि अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र के ग्राम छोलाई बबूरिया की निवासी है।
पुलिस जांच में युवती की पहचान रचना दोहरे के रूप में हुई। वायरल रील की शिकायत मिलने पर बदरवास थाना प्रभारी विकास यादव ने युवती को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया, “मेरा ऐसा कोई काम नहीं है। मुझे रील बनाने की आदत है और अपनी पोस्ट पर लाइक, कमेंट और प्रसिद्धि के लिए प्रवाह में आकर बदरवास का नाम बोल दिया।”
हालांकि, रील के वायरल होने के बाद बदरवास और शिवपुरी के लोग युवती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवती ने बिना किसी आधार के बदरवास का नाम युवतियों की खरीद-फरोख्त से जोड़कर बदनाम किया है।
यह पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी शिवपुरी जिले का नाम मानव तस्करी से जोड़कर बनाए गए रील या वीडियो में लिया गया है। कुछ दिनों पहले, एक महिला ने पिछोर थाने के सामने अभद्र गाने पर डांस करते हुए रील बनाई थी। इन मामलों में अब तक पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इनका कहना…
“हमने पूरे बदरवास में पड़ताल करा ली है। जो रील में बोला गया है, ऐसा कुछ भी नहीं है। रील बनाने वाली युवती भी अशोकनगर जिले की है। उसने अपने सोशल मीडिया पेज से वीडियो डिलीट कर माफी भी मांग ली है। फिलहाल, जनभावना की हानि को मद्देनजर रखते हुए मामले में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के एंगल से गहन पड़ताल की जा रही है। मामला संदग्ध प्रतीत होने पर युवती के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
विजय यादव, एसडीओपी-कोलारस








