स्थानीय संवाददाता
मंडीदीप | इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीनों में से एक, रमजान, रविवार से शुरू हो रहा है। शनिवार को चांद दिखाई देने के बाद ही लोगों ने रोजों की तैयारियां तेज कर दी हैं। यह महीना इबादत का प्रतीक माना जाता है। रमजान में दिनभर रोजा रखा जाता है और शाम को इफ्तार के बाद नमाज व तरावीह की विशेष प्रार्थनाएं मस्जिदों में अदा की जाती हैं। इस दौरान मस्जिदों में नमाजियों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिलती है।

शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में रमजान की रौनक देखते ही बन रही है। शुक्रवार से ही लोग सहरी और इफ्तार की तैयारियों में जुट गए थे। बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, और लोग खजूर, फलों, शरबत व अन्य पारंपरिक खाद्य सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं।
रमजान का धार्मिक महत्व
रमजान का महीना इस्लाम धर्म में खास स्थान रखता है, क्योंकि इसी महीने में पवित्र कुरान नाजिल किया गया था। इस दौरान मुसलमान अधिक से अधिक इबादत कर अल्लाह की इनायत प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। तरावीह की नमाज में इमाम द्वारा कुरान की तिलावत की जाती है और महीने के अंत तक पूरा कुरान सुनाया जाता है।
रोजा महज़ भूख और प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि यह तक़वा, सबर और रूहानी तरक्की का बेहतरीन मौका होता है। इस माह-ए-मुकद्दस में हर नेकी का अज्र कई गुना बढ़ा दिया जाता है, इसलिए मोमिनीन ज्यादा से ज्यादा सदक़ा, खैरात और ज़रूरतमंदों की मदद में मशगूल रहते हैं, ताकि अल्लाह की रहमत और मग़फिरत हासिल कर सकें।
रमजान के लिए लोगों की विशेष तैयारियां
रमजान की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। शहर की विभिन्न मस्जिदों में साफ-सफाई और सजावट की जा रही है, ताकि नमाजियों को किसी तरह की असुविधा न हो। घरों में विशेष पकवानों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
रात के समय मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत में व्यस्त रहते हैं, जिससे मुस्लिम इलाकों में देर रात तक चहल-पहल बनी रहती है। इस दौरान रोजेदार अल्लाह से देश में अमन-ओ-शांति और भाईचारे की दुआएं करते हैं।
मुस्लिम नेताओं की अपील








