रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी (मध्यप्रदेश) | जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आया है। छात्रा के शरीर पर चोटों के निशान मिलने से घटना संदेहास्पद हो गई है। परिजनों ने दो युवकों पर लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। साथ ही, छात्रा के साथ किसी गंभीर घटना की आशंका भी जताई गई है।
पढ़ाई के लिए पोहरी में रहती थी छात्रा, परीक्षा के बाद गांव लौटी थी
17 वर्षीय छात्रा पोहरी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसके साथ उसका छोटा भाई भी वहीं रहता था, जो छठी कक्षा का छात्र है। 25 फरवरी, मंगलवार को परीक्षा देने के बाद वह अपने गांव लौटी थी, लेकिन अगले ही दिन 26 फरवरी को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छात्रा को कर रहे थे परेशान, भाई ने खोले राज
मृतका के छोटे भाई ने खुलासा किया कि दो युवक पिछले लंबे समय से उसकी बहन को परेशान कर रहे थे। ये दोनों युवक भी उसी मकान में किराए पर रहते थे। परिजनों का दावा है कि छात्रा पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी।
पहले भी निगल चुकी थी गोलियां, मकान मालिक पर भी संदेह
छात्रा ने 20 फरवरी को जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। दिलचस्प बात यह है कि उस दिन मकान मालिक ने दावा किया था कि छात्रा को सांप ने काट लिया है और उसे देव स्थान पर ले जाया गया था। लेकिन जब अस्पताल में जांच हुई तो डॉक्टरों ने सांप के काटने की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस घटना के बाद से ही परिजन मकान मालिक की भूमिका को लेकर शक जता रहे हैं।
छात्रा ने खुद बताया था कि वह सुसाइड करने वाली है
परिजनों के अनुसार, 25 फरवरी को परीक्षा के बाद जब छात्रा ने अपने परिवार से बात की, तो उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह दो दिन में आत्महत्या कर लेगी। बावजूद इसके, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पीठ पर चोटों के निशान, प्रताड़ना की पुष्टि?
छात्रा के शव का पोस्टमार्टम शिवपुरी जिला अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पीठ पर गंभीर चोटों के निशान पाए। इससे यह संदेह गहराता है कि छात्रा को किसी तरह की शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ा था।
परिजनों की मांग – आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
छात्रा के ताऊ का कहना है कि वे इस घटना की एफआईआर दर्ज कराएंगे और सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने मकान मालिक को भी इस मामले में संदिग्ध बताया है।
अब सवाल यह उठता है कि:
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क्या पुलिस आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी?
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छात्रा ने आत्महत्या से पहले संकेत दिए थे, फिर भी उसे बचाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया?
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अगर छात्रा पर अत्याचार हो रहा था, तो उसके स्कूल और मकान मालिक ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया?
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क्या पुलिस की जांच में मकान मालिक और दोनों युवकों की भूमिका उजागर होगी?







