रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | दहेज की कुप्रथा पर करारा प्रहार करते हुए, एक इनकम टैक्स इंस्पेक्टर और उनके परिवार ने सामाजिक चेतना का अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया। दिल्ली में पदस्थ वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने अपने छोटे भाई की शादी में दूल्हे पक्ष को मिलने वाले 5 लाख 51 हजार रुपए के टीका (फलदान) में लड़की पक्ष द्वारा दी जा रही राशि को ससम्मान लौटा दिया। जब लड़की पक्ष ने यह राशि भेंट करने की कोशिश की, तो वीरेंद्र और उनके पिता ने इसे लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया।
वीरेंद्र के पिता ने समाज के मुंह पर करारा तमाचा जड़ते हुए कहा—
“बेटी सौंप दी, इससे बड़ा उपहार और क्या हो सकता है?“
इस बयान ने समारोह में मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया। यह न केवल एक परिवार की सोच का प्रतिबिंब था, बल्कि संकीर्ण मानसिकता वालों को आईना दिखाने वाला सशक्त संदेश भी था।

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