रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों अपने गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसुनवाई शिविर आयोजित कर रहे हैं, जहां वे आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में कदम उठा रहे हैं। हाल ही में कोलारस में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान, उन्होंने जनता के आवेदनों को विशेष रूप से एक बैग में सुरक्षित रखने का निर्णय लिया और उन्हें शिवपुरी कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को सौंप दिया।

यह निर्णय पिछोर में हुई एक विवादास्पद घटना के बाद लिया गया, जब वहां के जनसुनवाई शिविर में आए आवेदनों को कचरे में फेंक दिया गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, सिंधिया ने तुरंत कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

कोलारस में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 1846 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 542 आवेदनों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष आवेदनों को मंत्री सिंधिया ने स्वयं अपने हाथों से लिया और एक बैग में रखवाया। इसके बाद, इन सभी आवेदनों को उन्होंने कलेक्टर को आगामी कार्रवाई के लिए सौंप दिया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
पिछोर में आवेदनों को कचरे में फेंके जाने पर हुआ था विवाद
पिछले दिनों पिछोर में आयोजित जनसुनवाई शिविर के दौरान कुछ आवेदकों ने शिकायत की थी कि उनके आवेदन कचरे में फेंक दिए गए हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सिंधिया ने तत्काल कलेक्टर को निर्देश दिए, जिसके बाद पांच कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस विवाद से सबक लेते हुए, सिंधिया ने कोलारस में आयोजित शिविर में खुद सभी आवेदनों को बैग में रखा और यह सुनिश्चित किया कि इस बार कोई लापरवाही न हो।
जनता के पास जा रही है सरकार – सिंधिया
इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि जनता को सरकार के पास जाने की जरूरत न पड़े, बल्कि सरकार खुद जनता के पास जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करे।
“हमारी प्राथमिकता यह है कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को जल्द हल किया जाए। मैं यहां सिर्फ बड़ी योजनाएं लाने के लिए नहीं आया, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी आया हूं कि स्थानीय लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान मिले। इसी उद्देश्य से इन जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।”
ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री








