रिपोर्ट-राकेश कुमार जैन
डिजिटल युग में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब वे जिला कलेक्टरों के नाम पर भी ठगी करने से नहीं चूक रहे हैं। हाल ही में, रायसेन के कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा के नाम और फोटो का उपयोग करके एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया, जिसके माध्यम से अधिकारियों और परिचितों से ऑनलाइन पैसे मांगे जा रहे हैं।

कलेक्टर विश्वकर्मा ने नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया कि उनके नाम से व्हाट्सएप पर ऑनलाइन ठगी की जा रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि ऐसे किसी भी संदेश या कॉल के धोखे में न आएं। मामले की जानकारी मिलते ही साइबर सेल को सूचित किया गया है और जांच जारी है।
अन्य जिलों में भी सामने आए ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब साइबर अपराधियों ने अधिकारियों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी का प्रयास किया हो। सितंबर 2024 में, बलरामपुर जिले में भी कलेक्टर रिमिजियुस एक्का के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगे गए थे। कलेक्टर ने जनता से अपील की थी कि वे ऐसे संदेशों से सतर्क रहें और किसी अनजान नंबर से आने वाले संदेशों पर भरोसा न करें।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
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अज्ञात नंबरों से आने वाले संदेशों पर संदेह करें : यदि किसी अनजान नंबर से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी की मांग की जाती है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
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अधिकारियों से सीधे संपर्क करें : यदि किसी अधिकारी के नाम से संदेश प्राप्त होता है, तो संबंधित कार्यालय से सीधे संपर्क करके उसकी सत्यता की पुष्टि करें।
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साइबर सेल को सूचित करें : संदिग्ध संदेश या कॉल मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को जानकारी दें।
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व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें : किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें








