रिपोर्ट-अंशुल जैन
भोपाल के टीटी नगर जैन मंदिर में 15 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। मुनि प्रमाण सागर महाराज के सान्निध्य में जिनालय परिसर में महोत्सव के प्रमुख पात्रों का चयन संपन्न हुआ। इसी के साथ नवीन वेदिका की शुद्धि भी प्रतिष्ठाचार्य अभय भैया और अशोक भैया के निर्देशन में मंत्रोच्चार के साथ की गई।
मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में हमें अनेक शुभ संयोग प्राप्त होते हैं—मनुष्य जन्म, धन-संपत्ति, स्वस्थ शरीर, जैन कुल में जन्म, गुरु का सान्निध्य, और मंदिर के पास रहने का सौभाग्य। लेकिन केवल इन संयोगों का होना पर्याप्त नहीं है, इनका सही उपयोग भी आवश्यक है। यदि इनका सदुपयोग न किया जाए, तो वे व्यर्थ हो जाते हैं।

उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण ने अपनी अश्विनी सेना और स्वयं (निहत्थे) के बीच चयन का अवसर दिया, तो दुर्योधन ने सेना चुनी और युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण को। इसी के परिणामस्वरूप पांडव विजय हुए। इसी तरह, हमें भी धर्म, ज्ञान और सही मार्ग को चुनना चाहिए, न कि केवल भौतिक संसाधनों को।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अमर जैन ने बताया कि मुनि संघ के सान्निध्य में जिनालय परिसर में पंचकल्याणक महोत्सव के प्रमुख पात्रों का चयन हुआ। प्रवक्ता सुनील जैनाविन ने बताया कि गुणायतन परिवार और मंदिर समिति के सदस्यों ने अनुष्ठान के सौभाग्यशाली पात्रों का बहुमान किया गया।
पंचकल्याणक महोत्सव के चयनित प्रमुख पात्र :








