रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी जिले के करैरा में एक साधारण सा समारोह हो रहा था, लेकिन यह कोई आम आयोजन नहीं था। यह एक ऐसा अवसर था, जिसने पूरे समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया। यह कहानी है शिक्षक अमर सिंह लोधी की, जिन्होंने अपने बेटे की सगाई में 40 लाख रुपए का ऑफर ठुकराकर सिर्फ 501 रुपए का सगुन लिया और समाज के सामने एक मिसाल पेश की।
एक पिता का बड़ा फैसला
अमर सिंह लोधी, जो बीआरसी कार्यालय में शिक्षक हैं, हमेशा से समाज सुधार के पक्षधर रहे हैं। उनके बेटे कपिल लोधी रेलवे में सहायक उपयंत्री के पद पर चयनित हुए थे, और यह उनके लिए गर्व का क्षण था। जब कपिल की सगाई तय हुई, तो वधु पक्ष ने अपने स्तर से बड़ी तैयारी की और 40 लाख रुपए का दहेज देने की घोषणा की।








