रिपोर्ट-अतुल कुमार जैन
शिवपुरी जिले की कलोथरा पंचायत ने एक ऐसा अभिनव कदम उठाया है, जिसने पूरे जिले में मिसाल कायम कर दी है। जिले की अधिकांश गौशालाएँ बिजली और पानी की कमी के चलते बंद पड़ी थीं, लेकिन कलोथरा पंचायत ने अपनी बंद पड़ी गौशाला को सोलर पैनल की मदद से फिर से जीवनदान दिया है। अब इस गौशाला में 70-75 बेसहारा गायें सुरक्षित आश्रय पा रही हैं।

गौशालाओं के निर्माण के लिए नरेगा से मिले धन का उपयोग तो हुआ, लेकिन बिजली और पानी की भारी कमी के कारण ज्यादातर गौशालाएँ चालू नहीं हो सकीं। पंचायती बजट से नलकूप खनन और बिजली ट्रांसफार्मर लगाने में खर्च अधिक था, जिससे पंचायतें असहाय महसूस कर रही थीं। परंतु, कलोथरा पंचायत ने हार मानने की बजाय नवाचार का रास्ता चुना।

पंचायत ने गौशाला की छत पर सोलर पैनल लगाए, जो अब डीसी मोटर के माध्यम से 200 फीट गहराई से पानी खींच रहे हैं। इस सोलर पैनल की खासियत यह है कि इसका रखरखाव मुफ्त है और तीन साल तक सभी पार्ट्स पर वारंटी भी है, जबकि पैनल पर 25 साल की वारंटी दी गई है। इस कदम से न केवल पानी की समस्या हल हुई, बल्कि गौशाला में उजाला भी लौट आया है।
यह वही कलोथरा पंचायत है, जिसने देश का पहला पीएम जनमन आवास बना कर सुर्खियाँ बटोरी थीं। अब इस नवाचार से एक बार फिर यह पंचायत चर्चा में है। पंचायत के इस प्रयास ने दिखाया कि अगर संकल्प और सही दृष्टिकोण हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
इनका कहना है…
“सालो से बंद पड़ी थी गौशाला, सोलर पैनल के बारे में जब पता चला हमें तो हमने गौशाला में लगवाकर देखा, अब बिना बिजली के भी पूरी गौशाला में लाइट जलती है और बोर में मोटर डालकर उस से पानी भी निकाल पा रहे है।”
रामश्री आदिवासी, कलोयरा सरपंच“हमने इसका प्रयोग कर देखा था जो कि सफल रहा है अब इस मॉडल को आगे कि गौशालाओं में भी तेजी से अपनाया जाएगा जिन गोशालाओ ने पानी कि समस्याए है उनमें कुए के माध्यम से या बोर के माध्यम से पानी की भी उत्तम व्यवस्था कि जएगी।”
हिमांशु जैन, सीईओ जिला पंचायत शिवपुरी







