अतुल कुमार जैन
शिवपुरी के छोटे से गांव कुंअरपुर में रहने वाली सितारा बानो का जीवन कभी संघर्षों से भरा था। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके पति रहमान शाह की किराना दुकान भी घर का खर्च चलाने में नाकाफी साबित होती थी। हालात ऐसे थे कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। लेकिन सितारा बानो के मन में हमेशा कुछ बड़ा करने का सपना था।
उनकी यही इच्छाशक्ति उन्हें “भोले बाबा स्व सहायता समूह” तक लेकर गई। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें 50,000 रुपये का लोन मिला। इस पैसे से उन्होंने अपनी किराना दुकान को बेहतर बनाने के लिए सामान खरीदा। शुरू में थोड़ी कठिनाई जरूर हुई, लेकिन धीरे-धीरे दुकान की बिक्री बढ़ने लगी। सितारा ने समय पर लोन की किश्तें चुकाईं और समूह के भरोसेमंद सदस्य बन गईं।








