📰 डिजिटल डेस्क
भोपाल | राजधानी की प्रमुख निजी शिक्षण संस्था People’s University Bhopal को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी ई-मेल के जरिए दी गई, जिसमें परिसर में “सायनाइड पॉइजन बम” रखने और दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करने की बात लिखी गई थी। संदेश में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और विद्यार्थियों को बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई।

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दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट की चेतावनी
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पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग टीम मौके पर
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छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया
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साइबर सेल कर रही तकनीकी जांच
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19 फरवरी को भी मिल चुकी है धमकी
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अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें
सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। एहतियात के तौर पर विश्वविद्यालय परिसर को तत्काल खाली कराया गया और क्लासरूम, हॉस्टल, पार्किंग, प्रशासनिक भवन समेत सभी हिस्सों की सघन तलाशी शुरू की गई।
जांच की कमान पुलिस और साइबर सेल के हाथ में
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। ई-मेल आईडी, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल संकेतों के आधार पर साइबर सेल जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के जरिए धमकी भेजने वाले तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

ध्यान देने योग्य है कि 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को इसी प्रकार ई-मेल के माध्यम से धमकी मिली थी। उस समय भी विस्तृत तलाशी के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है।
ऐसी घटनाएं केवल सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा नहीं होतीं, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के मन में भय भी पैदा करती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि शैक्षणिक परिसरों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिशें सामाजिक अस्थिरता का संकेत हो सकती हैं।
सवाल यह भी है कि क्या यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या किसी बड़े नेटवर्क की साजिश? जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
कैंपस में तलाशी अभियान जारी है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। लेकिन बार-बार मिल रही धमकियां यह संकेत देती हैं कि डिजिटल माध्यम से फैलने वाली दहशत भी उतनी ही खतरनाक हो सकती है जितना वास्तविक खतरा।
क्या यह सिर्फ एक झूठी धमकी है, या सुरक्षा तंत्र के लिए चेतावनी? जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते लोकप्रिय हिंदी आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे में
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।








