✍️ राजू अतुलकर
मंडीदीप | औद्योगिक पहचान के लिए प्रसिद्ध मंडीदीप अब शिक्षा के सामाजिक परिवर्तन से भी जुड़ रहा है। वर्ष 1989 में मध्य प्रदेश के इस औद्योगिक नगर में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करने वाली Procter & Gamble (P&G) ने उत्पादन और रोजगार से आगे बढ़कर शिक्षा के क्षेत्र में भी अब शिक्षा के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।

कंपनी की सामाजिक पहल पी एंड जी शिक्षा ने देशभर में 1 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंचकर उनके बुनियादी सीखने के स्तर को मजबूत करने का दावा किया है। यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन लाखों कक्षाओं की कहानी है जहां सीखने की झिझक को आत्मविश्वास में बदला गया।
दो दशक की सतत पहल का परिणाम
साल 2005 से सक्रिय इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बुनियादी साक्षरता और गणनात्मक कौशल को सुदृढ़ करना है। यह पहल दो स्तरों पर कार्य करती है—
सुधारात्मक (Remedial Intervention)
पी एंड जी शिक्षा ने Educational Initiatives के सहयोग से ‘Mindspark’ नामक अनुकूलनशील डिजिटल लर्निंग टूल को लागू किया है, जो प्रत्येक छात्र की सीखने की गति और क्षमता के अनुसार पाठ्य सामग्री प्रदान करता है।
रोकथाम (Preventive Approach)
Pratham Education Foundation के साथ मिलकर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चे विद्यालय में प्रवेश के समय ही मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ आगे बढ़ सकें।

इन कार्यक्रमों में सामुदायिक मॉडल, प्रशिक्षित स्वयंसेवक और विद्यालय आधारित गतिविधियां शामिल हैं, जो स्थानीय स्तर पर सीखने की खाई को पाटने का प्रयास करती हैं।
चुनौती कितनी गंभीर?
ASER 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कक्षा 5 के आधे से अधिक विद्यार्थी कक्षा 2 स्तर का पाठ पढ़ने में सक्षम नहीं हैं। यह आंकड़ा बताता है कि सीखने की कमी केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की चुनौती है।
ऐसे परिदृश्य में प्रारंभिक पहचान, लक्षित हस्तक्षेप और निरंतर निगरानी अत्यंत आवश्यक हो जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि शुरुआती वर्षों में सीखने की कमियों को दूर नहीं किया गया, तो यह दीर्घकालिक आत्मविश्वास और करियर संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
इस उपलब्धि पर बोलते हुए P&G India के ब्रांड ऑपरेशन्स के सीनियर डायरेक्टर रजत ब्रार ने कहा :
“74% माता-पिता प्रारंभिक शिक्षा संबंधी कठिनाइयों को महज एक अस्थायी चरण मानते हैं… प्रारंभिक पहचान, अनुकूल उपचारात्मक उपायों और निरंतर साझेदारी के माध्यम से, पी एंड जी शिक्षा यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सीखने की एक अस्थायी कमी बच्चे के दीर्घकालिक भविष्य को निर्धारित न करे।”

उनके अनुसार, 1 करोड़ बच्चों तक पहुंचना केवल संख्या नहीं, बल्कि समय पर मिली सहायता के उन क्षणों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित किया।
मंडीदीप: औद्योगिक केंद्र से सामाजिक प्रतिबद्धता तक
मंडीदीप स्थित पी एंड जी संयंत्र को वैश्विक स्तर पर कंपनी की प्रमुख उत्पादन इकाइयों में गिना जाता है। इस औद्योगिक उपस्थिति ने जहां स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, वहीं शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
कॉर्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी शिक्षा प्रणाली में नवाचार और संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक हो सकती है—लेकिन क्या यह राष्ट्रीय स्तर पर सीखने की खाई को स्थायी रूप से कम कर पाएगी?
यह प्रश्न भविष्य के लिए खुला है, परंतु 1 करोड़ बच्चों तक पहुंचने की उपलब्धि इस दिशा में एक ठोस कदम अवश्य है।
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।






