📰 पंडित अशोक तिवारी
मंडीदीप/रायसेन | ग्राम पिपलिया लोरका निवासी एक किसान के दो बैंक खातों से देर रात हुई संदिग्ध निकासी ने साइबर सुरक्षा तंत्र और बैंकिंग जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पीड़ित देवेन्द्र कुमार पाल ने 25 फरवरी 2026 को पुलिस में लिखित शिकायत देकर बताया कि उनके खातों से कुल ₹42,206 की राशि तीन किश्तों में निकाल ली गई।
शिकायत के अनुसार, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया (शाखा मंडीदीप) से ₹30,500 तथा केनरा बैंक खाते से ₹11,706 की निकासी 25 फरवरी की रात लगभग 2:48 बजे हुई। संबंधित ट्रांजेक्शन के संदेश सुबह देखने पर घटना की जानकारी हुई।
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तीन किश्तों में ₹42,206 की संदिग्ध निकासी
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सेन्ट्रल बैंक और केनरा बैंक खाते बने निशाना
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पीड़ित का दावा—न OTP साझा, न एटीएम उपयोग
देवेन्द्र कुमार पाल का कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को OTP, पिन या खाता विवरण साझा नहीं किया और न ही हाल में एटीएम का उपयोग किया। ऐसे में बिना प्रत्यक्ष अनुमति के खाते से राशि निकाले जाने को लेकर उन्होंने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
मां के ऑपरेशन के लिए रखी थी रकम
देवेन्द्र बताते हैं कि यह राशि उनकी मां के इलाज के लिए रखी गई थी। एक छोटे किसान के लिए यह बचत अत्यंत महत्वपूर्ण थी। राशि निकल जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट की स्थिति में है।
शिकायत और जांच
पीड़ित ने मंडीदीप थाने में शिकायती आवेदन देने के साथ ही साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़ित के शिकायती आवेदन के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। बैंक से ट्रांजेक्शन का विवरण प्राप्त किया गया है और संबंधित खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सवालों के घेरे में बैंकिंग सुरक्षा
घटना ने बैंकिंग सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
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आधी रात की असामान्य ट्रांजेक्शन पर रियल-टाइम अलर्ट क्यों नहीं?
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यदि OTP साझा नहीं हुआ, तो प्रमाणीकरण कैसे पास हुआ?
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क्या सिम/डिवाइस-आधारित सुरक्षा पर्याप्त है?
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सवाल बड़ा ? सिस्टम फेल या सुरक्षा में सेंध
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में सिम-स्वैप अलर्ट, डिवाइस बाइंडिंग और ट्रांजेक्शन रिस्क एनालिटिक्स जैसे उपाय सक्रिय होने चाहिए। यदि ग्राहक ने गोपनीय जानकारी साझा नहीं की, तो संभावित तकनीकी सेंध की गहन जांच आवश्यक है।
क्या करें ऐसी स्थिति में?
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तुरंत 1930 पर कॉल कर ट्रांजेक्शन रोकने का प्रयास करें
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बैंक में लिखित शिकायत देकर खाते/नेट बैंकिंग को ब्लॉक कराएं
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नजदीकी थाने/साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज करें
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ट्रांजेक्शन का समय और राशि सुरक्षित रखें
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।







