📰 सौरभ जैन
मंडीदीप | प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक नगरी मंडीदीप में सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि यदि 14 दिन के भीतर लंबित वेतन और अन्य वैधानिक भुगतान नहीं किए गए, तो वे काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

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बैठक में सर्वसम्मति से 14 दिन का लिखित अल्टीमेटम देने का निर्णय
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नगर पालिका ने फंड की कमी बताई, कर्मचारी असंतुष्ट
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पहले भी हो चुकी है हड़ताल, फिर दोहराया जा रहा इतिहास?
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महिला कर्मियों ने कहा—बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
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PF खातों और ESI सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी
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श्रम कार्यालय में लंबित प्रकरण, यूनियन ने तेज किया संघर्ष
कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले दो माह से वेतन समय पर नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2026 के दो महीने बीतने को हैं, लेकिन उन्हें अब तक पिछला वेतन प्राप्त नहीं हुआ। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि फंड की कमी के कारण भुगतान में देरी हो रही है और राशि उपलब्ध होते ही वेतन जारी किया जाएगा।
पहले भी हो चुका है आंदोलन
सफाई कर्मियों के अनुसार, यह पहला अवसर नहीं है जब वेतन को लेकर आंदोलन की नौबत आई हो। इससे पहले भी हड़ताल के बाद आंशिक सुधार हुआ था, लेकिन स्थिति फिर पहले जैसी हो गई।
बैठक में तय किया गया कि श्रम कानून के प्रावधानों के तहत 14 दिन का लिखित अल्टीमेटम दिया जाएगा। यदि इस अवधि में वेतन, ईएसआई और पीएफ से संबंधित लंबित मामलों का समाधान नहीं हुआ, तो कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर उतरेंगे।
महिला कर्मचारियों ने जताई पीड़ा
बैठक के दौरान महिला सफाई कर्मियों ने भावुक स्वर में अपनी समस्याएं रखीं। उनका कहना है कि वेतन न मिलने के कारण बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहे हैं, जिससे परीक्षा के दौरान बच्चों को बैठने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यूनियन का दावा—बचत करवाई, फिर भी उपेक्षा
यूनियन लीडर राधेश्याम चिंतामन ने बताया कि यूनियन बनने के बाद से कर्मचारियों के हित में कई सुधार किए गए हैं और नगर पालिका को लगभग 10 लाख रुपये प्रतिमाह की बचत करवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में ऐसे नाम सूची में दर्ज थे जो कार्य नहीं करते थे, लेकिन उन्हें भुगतान होता था।

पीएफ खातों के मुद्दे पर भी कर्मचारियों ने असंतोष जताया। बताया गया कि तीन-चार माह में केवल 61 कर्मचारियों के खाते ही खोले जा सके हैं, जबकि शेष कर्मचारियों के मामले लंबित हैं। यह प्रकरण वर्तमान में श्रम कार्यालय में विचाराधीन है।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे उपस्थित
बैठक में सुरेश मीणा, लखन, कमलेश लुटारे, अनिल चौहान, श्रमिक नेता तौकीद खान, सुनील मालवीय सहित सैकड़ों महिला एवं पुरुष सफाई कर्मियों ने भाग लिया और एकजुटता दिखाई।

यदि निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं निकला, तो औद्योगिक नगरी मंडीदीप की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में यह केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं रहेगा, बल्कि पूरे शहर के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा प्रश्न बन जाएगा।
अब निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं—क्या 14 दिन में समाधान निकलेगा या मंडीदीप को एक और हड़ताल का सामना करना पड़ेगा?
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।







