रिपोर्ट:आजम लाला भोपाल
शाजापुर | कालापीपल जनपद अंतर्गत आने वाली बोल्दा ग्राम पंचायत में शासन द्वारा ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए बनाई गई पानी की टंकी आज भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को आज तक एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ।

- टंकी में पानी बहता रहा, नलों तक नहीं पहुंचा।
- करोड़ों खर्च, परिणाम शून्य।
- कागजों में योजना, जमीन पर धोखा।
- भ्रष्टाचार से बह रहा पानी।
- जनता की प्यास पर अफसरों की चुप्पी।
- जिम्मेदारी से भागता ठेकेदार।
- बयान में ही भ्रष्टाचार उजागर।
- पैसा लिया, जवाबदेही नहीं।
- सरकारी योजना बनी मजाक।
- जांच हो, कार्रवाई हो।
टेस्टिंग में ही फेल हो गई टंकी
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के तुरंत बाद टेस्टिंग के समय ही टंकी पूरी तरह डैमेज हो गई। जगह-जगह से लीकेज शुरू हो गया। जो पाइपलाइन बिछाई गई, वह अपने अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम रही।

पंचायत सचिव और पीएचई बने मौन दर्शक
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी टंकी को आज तक ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं किया गया। पंचायत सचिव और पीएचई विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ से सरकारी पैसों की खुली लूट की गई।
ठेकेदार का गैर-जिम्मेदार बयान बोले – हमने तो बना दी टंकी!
जब मामले में ठेकेदार संजय शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा—“हमने तो टंकी बना दी है, अब लीकेज हो तो हम क्या करें।” यह बयान खुद ठेकेदार की लापरवाही और भ्रष्ट मानसिकता को उजागर करता है। सवाल यह है कि अगर जिम्मेदारी नहीं है तो करोड़ों की रकम किस बात की ली गई?

गर्मी में बढ़ी ग्रामीणों की मुसीबत
गर्मी बढ़ते ही गांव में पानी की किल्लत गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
जिलाधीश से शिकायत, जांच की मांग दोषियों पर कार्रवाई हो।
ग्रामीणों ने जिलाधीश शाजापुर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच, दोषी अधिकारियों, पंचायत सचिव और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई तथा तत्काल पानी सप्लाई शुरू कराने की मांग की है।
सवाल वही है…जब टंकी बनी है तो पानी कहां गया?
–तेजस रिपोर्टर इस बड़ी ख़बर पर लगातार पैनी नज़र बनाए हुए है, जल्द बड़े खुलासे होंगे और भ्रष्ट ठेकेदार व अधिकारी की मिलीभगत होगी बेनकाब
Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है







