📰 अतुल कुमार जैन
खनियाधाना | आगामी 11 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक खनियाधाना में होने जा रहा महापंचकल्याणक विश्व शांति महायज्ञ इस क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आयोजन को लेकर न केवल गांव, बल्कि आसपास के जिलों और प्रदेशभर के जैन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरा नगर धीरे-धीरे एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में रूपांतरित होता नजर आ रहा है।
यह विराट आयोजन 84 दिगंबर जैन समाज के सहयोग से तथा मुनि श्री सुधा सागर महाराज के पावन सानिध्य में सम्पन्न होगा। धर्माचार्यों और समाजजनों का मानना है कि यह अब तक का खनियाधाना का सबसे भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक महोत्सव सिद्ध होगा।
शास्त्रोक्त विधि से होंगे पंचकल्याणक के समस्त अनुष्ठान
महायज्ञ के अंतर्गत भगवान के गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष—पंचकल्याणक से जुड़े सभी संस्कार शास्त्रसम्मत विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न कराए जाएंगे। आयोजन अवधि में विशेष पूजन, अभिषेक, प्रवचन, यज्ञ, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं के सहभागिता करने की संभावना है।
हाई स्कूल ग्राउंड बनेगा आयोजन का मुख्य केंद्र
महापंचकल्याणक के लिए हाई स्कूल ग्राउंड, खनियाधाना को मुख्य आयोजन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां विशाल पंडाल, वेदी, यज्ञशाला और अनुष्ठानों के लिए आवश्यक संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। स्थल को दिव्य स्वरूप देने के लिए दिन-रात कार्य चल रहा है, जिसमें समाजजन, श्रद्धालु और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन में धार्मिक संस्कार
सभी धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के कुशल निर्देशन में सम्पन्न होंगी। पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मोदी ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा समाज के समक्ष रखी, जिसे सर्वसम्मति से समर्थन मिला।
300 से अधिक इंद्र–इंद्राणियां निभाएंगे दिव्य भूमिकाएं
इस ऐतिहासिक आयोजन की विशेषता यह रहेगी कि 300 से अधिक इंद्र और इंद्राणियां देव-प्रतिनिधि के रूप में विभिन्न अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। यह दृश्य अत्यंत दुर्लभ, भव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होगा, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु खनियाधाना पहुंचेंगे।
वेदी प्रतिष्ठा सम्पन्न, अष्ट कुमारियों की विशेष सहभागिता
महोत्सव की तैयारियों के क्रम में वेदी प्रतिष्ठा विधिविधानपूर्वक सम्पन्न की जा चुकी है। इस अवसर पर अष्ट कुमारियों तथा पंचकल्याणक के प्रमुख पात्रों का चयन नगरवासियों की उपस्थिति में किया गया। पूरे नगर में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला।
अहिंसा और विश्व शांति का संदेश
महापंचकल्याणक विश्व शांति महायज्ञ केवल जैन समाज तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य सम्पूर्ण मानवता को अहिंसा, संयम, शांति और धर्म के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश देना है। धार्मिक विद्वानों का मत है कि यह आयोजन खनियाधाना के लिए स्वर्णिम अध्याय सिद्ध होगा और आने वाली पीढ़ियों को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करेगा।








