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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में सामने आया गोमांस कांड अब एक साधारण कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, संगठित तस्करी और राजनीतिक टकराव का बड़ा चेहरा बन चुका है। जिंसी स्थित नगर निगम स्लॉटर हाउस से निकले मांस की लैब रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होते ही पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 26 टन मांस से भरा कंटेनर पुलिस मुख्यालय के ठीक सामने पकड़ा गया, जो एसी वाहन में यूपी भेजा जा रहा था। मांस के पैकेटों पर QR कोड और विशेष टैगिंग थी, जिससे साफ है कि यह काम पूरी योजना और नेटवर्क के साथ किया जा रहा था।


• PHQ के सामने पकड़ी गई 26 टन गोमांस की खेप,
• लैब रिपोर्ट में पुष्टि के बाद सील हुआ जिंसी स्लॉटर हाउस
• संचालक असलम चमड़ा जेल में, पशु चिकित्सक समेत 9 कर्मचारी सस्पेंड
• 33 करोड़ के स्लॉटर प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ की जमीन, टेंडर जांच के घेरे में
• टेंडर से लेकर कमिश्नर के हस्ताक्षर तक होगी फाइल दर फाइल पड़ताल
निर्देश के बावजूद FIR नहीं, निगम अध्यक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
• हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, आस्था से खिलवाड़ का आरोप
• ‘गाय के नाम पर राजनीति, सिस्टम में मिलीभगत’ — कांग्रेस का आरोप
स्लॉटर हाउस संचालक जेल में, निगम के 9 कर्मचारी निलंबित
मामले में स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पशु चिकित्सक समेत नगर निगम के 9 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने आदमपुर खंती क्षेत्र में स्थित उसका रेंडरिंग प्लांट भी सील कर दिया है, जहां सभी तरह की प्रोसेसिंग बंद कर दी गई है।

अब टेंडर की हर लाइन खंगालेगा निगम
नगर निगम के उच्च स्तर पर तय हुआ है कि आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़ी पूरी फाइल की परत-दर-परत जांच होगी।
जांच में यह देखा जाएगा कि—
टेंडर की शर्तें किस आधार पर तय हुईं
ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रक्रिया क्या रही
असलम और उसकी फर्म को काम क्यों सौंपा गया

कमिश्नर स्तर पर किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए
करीब 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर 33 करोड़ की लागत से बने प्रोजेक्ट को लेकर अब कई सवाल खड़े हो गए हैं।
FIR न होने पर सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
नगर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद FIR दर्ज न होना चिंता का विषय है। उन्होंने गुरुवार को उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन के लिए शासन को पत्र लिखने की घोषणा की है।

हिंदू उत्सव समिति का अल्टीमेटम,
संपत्ति की जांच हो, एनएसए की कार्रवाई भी हो गोमांस तस्करी के मामले में हिंदू उत्सव समिति ने आरोपी असलम चमड़े के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की। अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि असलम चमड़े के ऊपर NSA की कार्रवाई करते हुए उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए। साथ ही भोपाल में उसकी संपत्ति एवं आपराधिक प्रकरणों की जांच भी हो। यह भी पता लगाया जाए कि स्लॉटर हाउस में उसके साथ कौन लोग काम करते थे? वे रोहिंग्या तो नहीं है। समिति को यह अंदेशा है।

सड़कों पर उतरा हर वर्ग
इस मामले ने ऐसा मोड़ ले लिया है कि
हिंदू संगठन, मुस्लिम संगठन, कांग्रेस और बीजेपी — सभी मैदान में हैं।
हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर चोट बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की
मुस्लिम त्योहार समिति ने भी दोषियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की
कांग्रेस ने निगम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर मेयर और कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की

कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
कांग्रेस पार्षद रियाज़ मोहम्मद ने कहा कि “बीजेपी गाय के नाम पर भावनाएं भड़काती है, लेकिन असल सच्चाई यह है कि आज भारत बीफ निर्यात में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। अगर केंद्र और नगर निगम दोनों जगह बीजेपी है, तो यह सब किसकी जानकारी में हो रहा था?”

अवैध स्लॉटिंग बढ़ने की आशंका
निगम अधिकारियों का मानना है कि स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद शहर में अवैध गोकशी और स्लॉटिंग बढ़ सकती है, जिस पर प्रशासन के लिए कड़ी निगरानी बड़ी चुनौती होगी।
नज़र आगे की कार्रवाई पर
अब सवाल सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हैं असल जिम्मेदार कौन? अनुमति किसने दी? और PHQ के सामने से यह खेप कैसे निकल रही थी? जवाब जांच समिति, FIR और आगे की कार्रवाई में सामने आने की उम्मीद है।
Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है




