📰 क्राइम रिपोर्ट
मंडीदीप | राजधानी भोपाल से सटे औद्योगिक नगर मंडीदीप में शनिवार रात वरिष्ठ पत्रकार कल्याण मल जैन पर हुए सुनियोजित जानलेवा हमले ने एक ओर जहां अपराधियों के दुस्साहस को उजागर किया, वहीं मंडीदीप पुलिस की त्वरित, सख्त और पेशेवर कार्रवाई ने यह साफ संदेश दे दिया कि कानून को चुनौती देने वालों के लिए यह शहर सुरक्षित नहीं है।

पुलिस की सक्रियता के बाद न केवल मुख्य आरोपी गिरफ्त में आया, बल्कि पूरे अपराधी नेटवर्क में खलबली मच गई है।
कार को बनाया हथियार, खुलेआम हत्या का प्रयास
शनिवार देर रात अपने घर के समीप पैदल भ्रमण कर रहे वरिष्ठ पत्रकार पर एक कार चालक ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने कार को हथियार बनाते हुए पत्रकार को कुचलने की कोशिश की। पहली बार असफल होने पर उसने आधा दर्जन से अधिक बार कार घुमाकर बार-बार पत्रकार की ओर दौड़ाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी गंदी गालियां देता रहा और जान से मारने की धमकियां भी देता रहा।
पेड़ से टकराई कार, मौत से एक कदम की दूरी :
हमले के दौरान पत्रकार ने जान बचाने के लिए एक पेड़ की आड़ ली, लेकिन हमलावर ने पूरी ताकत से उसी पेड़ को कार से टक्कर मार दी।यदि पेड़ कमजोर होता, तो यह घटना निश्चित रूप से एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। पत्रकार की बहन द्वारा शोर मचाने पर आसपास के लोग बाहर आए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घर तक पहुंचा डर, दूसरी टीम की संदिग्ध हरकत
घटना के बाद जब पत्रकार किसी तरह घर पहुंचे और अभी संभल भी नहीं पाए थे, तभी दूसरी कार में सवार चार पुरुष और दो महिलाएं उनके घर तक पहुंच गईं। इन लोगों ने लगातार दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया और मोबाइल फोन पर किसी से निर्देश लेते हुए देखे गए। इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि हमला पूर्व नियोजित था और इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
सबूत मिटाने उतरी तीसरी गैंग, CCTV ने खोली पोल
घटना यहीं नहीं रुकी । कुछ समय बाद 8 से 10 लोगों की एक अलग गैंग पैदल घटनास्थल पर पहुंची और दीवार, पेड़ व सड़क पर मौजूद टायरों के निशान तथा टक्कर के सबूत मिटाने लगी।
लेकिन अपराधी यह भूल गए कि उनकी हर हरकत CCTV कैमरों में कैद हो रही है।
यहीं से साजिश की परतें खुलनी शुरू हुईं।
पुलिस की तत्परता, अपराधियों पर सख्त शिकंजा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी ओबेदुल्लागंज शीला सुराना के निर्देशन में मंडीदीप थाना प्रभारी रंजीत सराठे के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई।
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बिना देरी प्रकरण पंजीबद्ध किया गया
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आरोपी को हिरासत में लिया गया
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CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की गई
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पूरे नेटवर्क की भूमिका को खंगाला जा रहा है






