रिपोर्ट:अतुल कुमार जैन
शिवपुरी | थाना भौंती क्षेत्र में स्कूल से लौटते समय शिक्षक कल्याण सिंह लोधी की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में शिवपुरी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी प्राण सिंह यादव को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले के मार्गदर्शन और एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में थाना भौंती पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।

कैसे हुआ था घटना का खुलासा
1 दिसंबर को शिक्षक कल्याण लोधी अपने चचेरे भाई अनिल लोधी के साथ स्कूल से मोटरसाइकिल द्वारा गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गणेशखेड़ा वेयरहाउस के पास कुछ बदमाशों ने उन पर फायरिंग की। उपचार के लिए झांसी ले जाते समय उनकी मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप मुरारी लोधी सहित छह लोगों पर लगाया, जिसके बाद थाना भौंती में मामला दर्ज किया गया और विभिन्न पुलिस टीमें जुटाई गईं।
2019 के विवाद से शुरू हुई रंजिश
जांच में सामने आया कि मृतक के चाचा बीर सिंह और मुरारी लोधी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को आधार बनाकर मुरारी लोधी ने कथित तौर पर कल्याण की हत्या की साजिश रची। तकनीकी साक्ष्यों, लगातार दबिश और मुखबिर सूचना के बाद पुलिस ने भगवंतपुरा निवासी प्राण सिंह यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या स्वीकार कर ली।

आरोपी ने बताया – मुरारी ने दिया था लालच
पूछताछ में आरोपी प्राण सिंह ने खुलासा किया कि उसका भूपेंद्र लोधी से विवाद था और मुरारी लोधी ने मदद का लालच देकर उसे हत्या के लिए तैयार किया।
— मुरारी की पत्नी सविता और एक युवक ने उसे देसी कट्टा दिया।
— मुरारी ने कोर्ट के बाहर उसे 12 बोर का कारतूस भी उपलब्ध कराया।
— दामाद जितेंद्र उर्फ कल्ला लोधी ने आरोपी को साथ लेकर कल्याण मास्टर के स्कूल तक पहुँचाया।
— मौका मिलते ही गणेशखेड़ा के पास मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे कल्याण को गोली मार दी।
— फायरिंग के बाद कट्टे का आधा हिस्सा टूट गया, जिसे आरोपी ने आगे झाड़ियों में फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हथियार का टूटा हिस्सा भी बरामद कर लिया है।
कई आरोपियों की भूमिका नहीं मिली
जांच में स्पष्ट हुआ कि नामजद आरोपी नाहर सिंह लोधी, रामजीलाल लोधी और प्रदीप दुबे की इस हत्या में कोई भूमिका नहीं पाई गई। वहीं आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 भी जोड़ी गई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।मुख्य आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इन अधिकारियों व जवानों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
निरीक्षक घनश्याम भदौरिया, उ.नि. कुसुम गोयल, उ.नि. रामकिशोर जोशी, उ.नि. अजय पटेल, सउनि शेख महबूब, सउनि संजय कुमार, प्र.आर. प्रहलाद यादव, अभयराज सिंह, मृत्युंजय सिंह, नरेन्द्र पाल, रविकांत शर्मा, बलवीर बघेल सहित अनेक आरक्षकों और सायबर सेल की टीम ने इस जटिल मामले को सुलझाने में अहम योगदान दिया।
Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है





