डेस्क रिपोर्ट नई दिल्ली |
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की लगातार उड़ानें रद्द होने से पूरे देश के एयरपोर्ट पर हालात बेकाबू हो चुके हैं। सिर्फ चार दिनों में 1200 से अधिक फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। सरकार को मजबूरी में फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के सख्त नियम भी वापस लेने पड़े, फिर भी यात्रियों को राहत नहीं मिली।एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल है। लोग ज़मीन पर सोने को मजबूर हैं, सूटकेस ढेर बने पड़े हैं और गुस्साए यात्री जगह-जगह हंगामा कर रहे हैं।

एक यात्री की दर्द भरी चीख सामने आई —
“मुझे अपने पिता की अस्थियों के विसर्जन के लिए हरिद्वार जाना है, लेकिन मेरी फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। दूसरी एयरलाइन 60 हजार रुपये मांग रही है… हम 5 लोग हैं, इतना पैसा अफोर्ड नहीं कर सकते।”

एक और वीडियो ने सिस्टम की संवेदनहीनता की पोल खोल दी
एक पिता इंडिगो स्टाफ से रोते हुए कहता है —
“सिस्टर, मेरी बेटी को सेनेटरी पैड चाहिए… उसे ब्लीडिंग हो रही है!”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है।

फ्लाइट कैंसिल होने से कर्नाटक के हुबली का एक नवविवाहित जोड़ा अपनी ही शादी में ऑनलाइन शामिल होने को मजबूर हो गया। एयरपोर्ट अब सफर के नहीं, मजबूरी और बेबसी के अड्डे बन चुके हैं।
सरकार ने पायलट और क्रू की 7 दिन में 48 घंटे की अनिवार्य छुट्टी वाला आदेश फिलहाल वापस ले लिया है, लेकिन तब तक यात्रियों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।
यात्रियों का आरोप है —
“फ्लाइट कैंसिल होने से लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के कान में अब तक जूं नहीं रेंगी है… शर्म आनी चाहिए!”
सवाल सीधा है —
जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इस हाल में है, तो आम यात्री की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है





