न्यूज डेस्क, भोपाल
रायसेन | रायसेन पुलिस ने गौहरगंज की छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में एक बड़ा खुलासा किया है, पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सलमान को फरारी के दौरान पनाह और मदद देने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं सलमान को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी से अब विस्तृत पूछताछ की जाएगी, क्योंकि वह स्वस्थ होकर बयान देने की स्थिति में है।

आरोपी सलमान को 27 नवंबर की रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था। लंबे इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है और वह मानसिक रूप से पूछताछ के लिए फिट माना जा सकता है। चिकित्सा टीम की हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने उससे मनोवैज्ञानिक तरीके से कई सवाल पूछे, जिनमें आरोपी ने अपनी फरारी के पूरे घटनाक्रम का विस्तार से खुलासा किया।

सलमान ने बताया कि दुष्कर्म की वारदात के बाद वह घबराकर हाईवे की एक दुकान पर सिगरेट खरीदने पहुंचा। उसी समय पीड़िता के पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह जंगल की ओर भाग निकला। जंगल में एक झोपड़ी से उसने दो मोबाइल फोन चुरा लिए और अपनी शर्ट बदलकर खुद को पहचान से दूर करने की कोशिश की। इसके बाद वह ट्रैक्टर से लिफ्ट लेकर गौहरगंज कोर्ट के सामने उतरा और वहां से जंगल के रास्ते हाईवे पर पहुंचकर एक बस में सवार हो गया। बस उसे नादरा बस स्टैंड तक लाई, जहां से वह 22 नवंबर को हबीबगंज नाका पहुंचा। एक मोबाइल फोन उसने आरआरएल ब्रिज के नीचे नाले में फेंक दिया ताकि पुलिस ट्रैकिंग न कर सके।

इसके बाद आरोपी डीआईजी बंगले के आसपास घूमता हुआ करोंद मंडी की ओर निकला और एक सुनसान पुरानी इमारत में सो गया। अगले दिन वह मजदूरी की तलाश में निकला, जहां उसकी मुलाकात ठेकेदार जैद खान और मकान मालिक इंसाफ हुसैन से हुई। पुलिस के अनुसार दोनों ने उसे तीन दिन तक अपने निर्माणाधीन मकान में काम दिया और इसी दौरान सलमान खुलेआम भोपाल में घूमता रहा, लेकिन पकड़ में नहीं आया।

26 नवंबर को आरोपी ने दूसरा चोरी का मोबाइल तोड़कर उसके पुर्जे नारियलखेड़ा क्षेत्र में कबाड़ी शहजाद को बेचे और फिर शराब पीकर फुटपाथ पर सो गया। 27 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे सेक्टर 11 में कमरे की तलाश करते समय कुछ युवकों की नजर उस पर गई। उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर शक होने पर स्थानीय युवकों ने सूचना पुलिस तक पहुंचाई और पकड़कर उसे वहीं बैठाए रखा। पूछताछ में उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला और उसने अपना नाम, पता और यहां तक कि दुष्कर्म में शामिल होने की बात भी नकार दी। करीब डेढ़ घंटे बाद रायसेन पुलिस भोपाल पहुंची और उसे कड़ी सुरक्षा के साथ लेकर चली गई।

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों लोगों—इंसाफ हुसैन, जैद खान और शहजाद खान—को जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सुरक्षा कारणों से तीनों को भोपाल जेल में रखा गया है। पुलिस को संदेह है कि सलमान को फरारी में मदद देने वाले दो अन्य लोगों की भी इसमें भूमिका हो सकती है, जिनकी भूमिका की अब जांच की जा रही है।

रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मुख्य आरोपी सलमान को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही सीधे भोपाल जेल भेज दिया गया है। बच्ची की हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह अब अपने घर पहुंच चुकी है। हालांकि बच्ची की पूरी रिकवरी में समय लगेगा और आगे भी चिकित्सकीय निगरानी जरूरी रहेगी।

पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस, समाज और अपराधी नेटवर्क—तीनों के तंत्र की जटिलता को उजागर किया है। जहां सलमान ने चार दिन तक भोपाल में खुलेआम मजदूरी कर फरारी काटी, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने अंततः उसकी पहचान खोलकर रख दी। पुलिस अब फरारी में मिले हर संपर्क, हर ठिकाने और हर गतिविधि की गहन जांच कर रही है।
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।





