भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज सदन के बाहर और भीतर दोनों जगह हलचल नजर आई। कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायकों ने खेतों में खराब हुई फसलों की स्थिति दर्शाती तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार ने कहा— “प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी फसल खरीद के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवज़े के लिए दर–दर भटक रहा है। किसान पूरी तरह परेशान है।”

मुरैना के कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा—
“भाजपा सरकार किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। न कर्ज माफ हुआ, न बिजली मिली, फसल के दाम नहीं मिले। बीमा के नाम पर सिर्फ 200–400 रुपए थमा दिए जाते हैं। यह प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फौरन मुआवजा दिया जाए।”
इधर, सरकार की ओर से राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दावा किया कि किसानों के लिए अब तक दो हजार 68 करोड़ रुपये राहत राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा— “प्रदर्शन करना कांग्रेस की पुरानी आदत है। सरकार किसानों के साथ है।”
सत्र में अचानक ड्रामा — मंत्री कंसाना चक्कर खाकर गिरे
सदन में हंगामे के बीच अचानक मंत्री कंसाना चक्कर खाकर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। घटना के वक्त सीएम भी पास में ही मौजूद थे और तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया गया।
सत्र छोटा होने से कांग्रेस नाराज़
इस बार शीतकालीन सत्र सिर्फ 1 से 5 दिसंबर तक बुलाया गया है, जिसमें 3 दिसंबर की छुट्टी के चलते मात्र चार बैठकों में ही कामकाज पूरा किया जाएगा। कांग्रेस ने इसे “जनता के मुद्दों से भागने का तरीका” बताया है।

कुल मिलाकर किसानों के मुद्दों, फसल मुआवजे और सत्र की अवधि को लेकर आज विधानसभा में राजनीतिक टकराव चरम पर
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Author: SURAJ MEHRA
साल 2022 से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत "सूरज मेहरा" आज भी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति, करंट अफेयर्स में विशेष रुचि है , साथ ही ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है , यहाँ मध्यप्रदेश की हर छोटी बड़ी हलचल पर नज़र रहती है





