✍️रिपोर्ट : प्रेमनारायण राजपूत
भोपाल, मध्यप्रदेश | रायसेन ज़िले के गौहरगंज क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना को पाँच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी सलमान की गिरफ्तारी न होने से लोगों में गहरी नाराज़गी है।
बुधवार को धरना-प्रदर्शन लगातार पाँचवे दिन भी जारी रहा, वहीं मंडीदीप और औबेदुल्लागंज पूरी तरह बंद रहे। मंडी में नीलामी रुकी हुई है और बाज़ारों में सन्नाटा पसरा है।


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गौहरगंज में 6 साल की मासूम से रेप; आरोपी पांचवे दिन भी फरार, जनआक्रोश चरम पर
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धरना–प्रदर्शन जारी: मंडीदीप और औबेदुल्लागंज पूरी तरह बंद, हाईवे पर सन्नाटा
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CM की सख्त कार्रवाई: रायसेन एसपी हटाए गए, पुलिस पर ढीली कार्रवाई के आरोप
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6 जिलों की पुलिस, 300 पुलिसकर्मी और 20 टीमें तैनात, फिर भी आरोपी सलमान उर्फ नजर का कोई सुराग नहीं
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हिंदू संगठनों की चेतावनी—गिरफ्तारी नहीं हुई तो भोपाल बंद का ऐलान
उल्लेखनीय है कि आज सकल हिंदू समाज, संगठन और मंडीदीप व्यापारी महासंघ ने संयुक्त रूप से बंद का आह्वान किया था। इसी तारतम्य में गौहरगंज में धरना दिया गया लेकिन अचानक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया तत्पश्चात पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्काबल प्रयोग किया।

असुरक्षा के माहौल के चलते कई स्कूलों ने स्वेच्छा से अवकाश की घोषणा कर दी, जबकि कुछ स्कूलों ने देर रात माता-पिता को संदेश भेजकर मंडीदीप–औबेदुल्लागंज मार्ग पर स्कूल बस संचालन बंद करने की सूचना दी। व्यापारिक संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी बंद का समर्थन किया है।
किन्नरों समाज में भी आक्रोश
गौहरगंज में किन्नर समाज ने भी सलमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया । उन्होंने न सिर्फ मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले सलमान की गिरफ्तारी की मांग की बल्कि उसे उनके हवाले करने और गुप्तांग काटने जैसी सजा का आह्वान भी किया।

गौहरगंज में किन्नर समाज ने भी आरोपी सलमान के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया और पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने की मांग के साथ आंदोलन में शामिल हो गए। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसी घिनौनी वारदात करने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की क्रूरता करने का साहस न कर सके
प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव, पुलिस ने खदेड़ा
बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में विरोध सभा शांतिपूर्वक समाप्त हुई और लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इसी बीच कुछ युवक अचानक मुस्लिम बावली क्षेत्र की दिशा में बढ़ने लगे। स्थिति को भांपते हुए पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस कार्रवाई से नाराज़ युवकों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद उपद्रवी मौके से भाग खड़े हुए।

बताया जा रहा है कि मस्जिद वाली गली में नारेबाज़ी करती भीड़ के सामने किसी ने तलवार दिखाने की अफवाह फैला दी। यह खबर सुनते ही आसपास मौजूद कई लोग स्थिति को समझे बिना ही उस दिशा में आगे बढ़ने लगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। DIG प्रशांत खरे ने बताया कि हालात अब पूरी तरह काबू में हैं। वहीं डीआईजी, एएसपी, एसडीओपी समेत 6 जिलों का भारी पुलिस बल पूरे क्षेत्र में तैनात है और हर स्थान पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सीएम ने दिखाई सख्ती, रायसेन एसपी को तत्काल हटाया
मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने PHQ पहुँचकर घटना की प्रगति और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर तीखी नाराज़गी जताई और चक्काजाम के दौरान पुलिस की ढीली भूमिका पर असंतोष व्यक्त किया।

इसी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को पद से हटाकर मुख्यालय अटैच करने का आदेश दिया। उनकी जगह आशुतोष को नया एसपी नियुक्त किया गया है।

यह कदम सरकार द्वारा कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि बच्चियों से जुड़े अपराधों को लेकर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा की जब पूरे प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा दांव पर लगी हो, तब केवल किसी एसपी या टीआई को हटाना ही समाधान नहीं है।
हिंदू संगठनों की चेतावनी—5 दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो ‘भोपाल बंद’
हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि आरोपी सलमान को पाँच दिनों के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे भोपाल बंद का आह्वान करेंगे।

छः जिलों की पुलिस छान रही जंगल —
22 नवंबर | घटना की शुरुआत से अस्पताल तक की दौड़भाग
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शाम लगभग 7:30 बजे बच्ची अचानक लापता हो गई।
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परिजन घबराए और 8 बजे उसकी तलाश में निकल पड़े।
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लगातार खोजबीन के बाद करीब 8:30 बजे बच्ची जंगल के अंदर घायल हालत में मिल गई।
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परिजन उसे तुरंत 9 बजे गौहरगंज थाने लेकर पहुँचे।
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इसके बाद पुलिस की सलाह पर बच्ची को इलाज के लिए 10 बजे औबेदुल्लागंज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी।
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आवश्यकता को देखते हुए परिवार ने निजी वाहन का सहारा लिया और बच्ची को रात 11:30 बजे भोपाल AIIMS पहुँचा दिया।
22 नवंबर | थाने के बाहर माहौल गरमाया
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घटना से नाराज़ लोगों ने अगले दिन सुबह 10 बजे गौहरगंज थाने के सामने जमा होना शुरू किया।
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स्थिति बिगड़ते-बिगड़ते 12 बजे लोगों ने चक्काजाम कर दिया।
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प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद शाम 4 बजे विरोध खत्म हुआ।
23 नवंबर | लगातार बढ़ता जनाक्रोश
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अगली सुबह 11 बजे औबेदुल्लागंज–गौहरगंज जोड़ पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए।
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1 बजे तक इलाके में शांतिपूर्ण धरना चलता रहा।
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फिर लगभग 1:30 बजे युवाओं का एक समूह हाईवे पर पहुँच गया और वहाँ जाम लगा दिया।
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अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 4 बजे रास्ता खुलवाया गया।
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उधर 11 बजे औबेदुल्लागंज के आंबेडकर चौराहे पर करीब 20 युवाओं ने अपना अलग विरोध प्रदर्शन भी किया।
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शाम 6 बजे गौहरगंज में महिलाओं ने रोष जताते हुए जुलूस निकाला।
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फिर रात 8 बजे औबेदुल्लागंज में पीड़ित परिवार के मामा ने लोगों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की।
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लेकिन तनाव रात तक जारी रहा — 9 बजे गौहरगंज थाने के सामने महिलाएँ फिर से धरने पर बैठ गईं।
24 नवंबर | आंदोलन मंडीदीप तक पहुँचा
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अगले दिन 11 बजे मंडीदीप में व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
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11:30 बजे छात्राएँ मंगलवार बाजार क्षेत्र में जुटीं और 12 बजे सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।
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साथ ही, 12 बजे ही युवा नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे, जहाँ 12:30 बजे उन्होंने चक्काजाम कर दिया।
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तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए 3 बजे एएसपी, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव और पाँच थानों के टीआई मौके पर पहुँचे।
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प्रशासन की समझाइश के बाद 3:30 बजे जाम हटाया गया।
25 नवंबर | प्रशासन पर बढ़ा दबाव, बड़े फैसले
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सुबह 7 बजे तक लोग थाने के सामने डटे हुए दिखाई दिए।
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9 बजे वे दोबारा धरना स्थल पर लौट आए।
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कुछ देर बाद 10 बजे पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन दोपहर 12 बजे भीड़ और तेज़ी से बढ़ने लगी।
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2 बजे कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेता भी समर्थन देने पहुँचे।
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इसके बाद 3 बजे नर्मदापुरम रेंज के आईजी और डीआईजी ने भी स्थल पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।
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लगभग 4 बजे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, और
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5 बजे उनकी आंतरिक बैठक खत्म हुई।
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शाम 8 बजे भोपाल PHQ में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलवाई।
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और आखिरकार रात 9 बजे मुख्यमंत्री ने रायसेन एसपी को हटाने का निर्णय लिया।
26 नवंबर | गौहरगंज में धरना, पथराव के बाद पुलिस ने खदेड़ा
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सकल हिंदू समाज, संगठन और व्यापारी महासंघ ने बंद का आह्वान किया।
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सुबह से ही बाजार बंद रहे और गौहरगंज में बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज, हिंदू संगठनों और व्यापारी महासंघ ने संयुक्त रूप से धरना दिया।
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धरने के बाद भीड़ से कुछ लोगों ने पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए खदेड़ना शुरू किया।
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इसके अलावा जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर पुतला दहन, प्रदर्शन और आक्रोश देखने को मिला।
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DIG प्रशांत खरे ने हालत काबू में होने की बात कही।
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Author: PANKAJ JAIN
पत्रकारिता में 2009 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। "दैनिक अग्निबाण" में लंबी पारी के बाद "SCN NEWS" सहित कई संस्थानों में न्यूज़ डेस्क का नेतृत्व किया। वर्तमान में सा. "क्राइम अगेंस्ट न्यूज", दैनिक "तेजस रिपोर्टर" और कई डिजिटल प्लेटफार्म के संपादकीय प्रमुख हैं। सामाजिक सरोकारों, विशेषकर हाशिए पर खड़े वर्ग और अन्याय के मुद्दों पर लेखन में विशेष रुचि रखते हैं। इसके साथ ही "जिनोदय" और "पंकज का पंच" जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के निदेशक हैं, जो जनचेतना और वैचारिक संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।





