✍️ रिपोर्ट : नेतराम पटेल
भोपाल, मध्य प्रदेश | रायसेन जिले की जनपद पंचायत उदयपुरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत हाथीडोल में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पंचायत ने ₹3.59 लाख की लागत से पूरे गांव में मात्र 2 एलईडी लाइट्स लगवाई हैं। पंचायत दर्पण पोर्टल पर एक लाइट की कीमत लगभग ₹17,000 दर्शाई गई है।
धुंधले बिलों से छुपाया गया भ्रष्टाचार
पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड किए गए बिल इतने धुंधले हैं कि उनमें विवरण स्पष्ट नहीं है। यह पारदर्शिता की कमी और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जब पंचायत सचिव शैलेन्द्र कौरव से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे “गलती” बताया, जो संदेह को और बढ़ाता है।
अन्य पंचायतों में भी सामने आए घोटाले
ग्राम पंचायत नानपोन, जनपद पंचायत बाड़ी : लगभग ₹6 लाख निकाले गए, लेकिन कम गुणवत्ता की लाइट्स लगाई गईं और पोल की खरीदी के बावजूद पोल नहीं लगाए गए।
ग्राम पंचायत बांस, जनपद गंगेव, रीवा जिला : 14वें वित्त योजना के तहत स्ट्रीट लाइट का वर्क ऑर्डर दिया गया, लेकिन कार्य पूरा नहीं कराया गया और लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया।
तेजस रिपोर्टर की निष्पक्ष जांच की मांग
तेजस रिपोर्टर संबंधित अधिकारियों से आग्रह करता है कि वे इन मामलों की निष्पक्ष जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके। तेजस रिपोर्टर की टीम ऐसे मामलों की तह तक जाने के लिए अपनी पड़ताल लगातार जारी रखेगा।

इनका कहना…
“गांव में कुल दो स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से एक लाइट में लगभग 5 बल्ब लगे हुए हैं, जो गोल आकार की लाइट है। गलतीवश इन लाइट्स का ब्लर बिल लग गया है।”
– शैलेन्द्र कौरव, पंचायत सचिव
ग्राम पंचायत – हाथीडोल







