✍️ डिजिटल डेस्क
Property Possession Law (Adverse Possession) – अगर आपके पास कोई पुरानी जमीन या मकान है, जिसे आपने वर्षों से देखा भी नहीं – तो सतर्क हो जाइए! देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court of India) ने एक अहम फैसला सुनाया है जो प्रॉपर्टी कब्जे के कानून (Property Possession Law) को नई दिशा देता है।

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आपकी ज़मीन पर कोई और तो नहीं रह रहा मालिक बनकर?
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कब्जाधारी को कानूनी मालिक बनाने वाला फैसला – आपकी प्रॉपर्टी सुरक्षित है क्या?
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Adverse Possession: किराएदार या कब्जाधारी, अब दोनों जता सकते हैं हक!
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटा पुराना नियम, अब 12 साल बाद वापसी नहीं आसान
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प्रॉपर्टी की सुरक्षा कैसे करें? जानिए कब्जे से बचने के कारगर उपाय
क्या कहता है नया फैसला?
अगर कोई व्यक्ति आपकी प्रॉपर्टी पर लगातार 12 वर्षों तक शांतिपूर्वक और बिना किसी कानूनी आपत्ति के कब्जा बनाए रखता है, तो वह व्यक्ति अब उस संपत्ति का कानूनी मालिक (Legal Owner) भी बन सकता है। इस नियम को कानूनी भाषा में Adverse Possession कहा जाता है।
किराएदार भी बन सकता है मालिक?
हां, Tenant Ownership Claim की भी संभावना बनती है – अगर कोई किराएदार सालों से बिना रेंट एग्रीमेंट के एक ही जगह पर रह रहा है, और मालिक ने कोई नोटिस या आपत्ति नहीं जताई, तो वह भी दावा कर सकता है कि वह प्रॉपर्टी का वास्तविक मालिक है।
लेकिन इसके लिए सबूत ज़रूरी होंगे – जैसे कि Electricity Bill, Water Bill, Property Tax, Property Deed आदि।
कैसे बदला सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख?
2014 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति कब्जा कर के मालिक नहीं बन सकता। लेकिन अब एक दो-सदस्यीय पीठ ने पुराने फैसले को पलटते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति 12 साल तक निर्विरोध कब्जे में है, तो उसे Adverse Possession का लाभ मिलेगा।
अब असली मालिक सीधे उस संपत्ति को वापस नहीं ले सकता जब तक कि वह कोर्ट की प्रक्रिया से न गुजरे।
Limitation Act, 1963 क्या कहता है?
Limitation Act के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 12 वर्षों तक निजी संपत्ति (Private Property) पर कब्जा बनाए रखता है और मालिक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करता, तो वह व्यक्ति उस संपत्ति का मालिकाना हक प्राप्त कर सकता है।
वहीं सरकारी ज़मीन (Government Land) के मामलों में यह समयसीमा 30 वर्ष होती है।
कैसे करें अपनी संपत्ति की रक्षा?
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लंबे समय तक प्रॉपर्टी खाली न छोड़ें
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साइट पर समय-समय पर जाएं और निगरानी रखें
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हर 11 महीने में रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement) रिन्यू कराएं
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बिजली, पानी, टैक्स रसीदें अपने नाम पर रखें
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किसी भी संदेहास्पद कब्जे पर तत्काल कानूनी कदम उठाएं






